- महाशिवरात्रि 2026: शिव-पार्वती की आराधना से मिलेगा अखंड सौभाग्य और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद
न्यूज़ डेस्क
लखनऊ:-पंचांग के अनुसार आज फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर पवित्र महाशिवरात्रि का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। हिंदू धर्म में इस दिन का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इसी पावन रात्रि में भगवान शिव और माता पार्वती का दिव्य विवाह संपन्न हुआ था। इस अवसर पर देशभर के शिवालयों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी हुई हैं।
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धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, आज के दिन व्रत रखकर और विधि-विधान से भगवान शिव की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। विशेषकर अविवाहित युवतियां अच्छे वर की प्राप्ति और विवाहित महिलाएं अखंड सौभाग्य की कामना से यह व्रत रखती हैं।
काशी से केदारनाथ तक गूंजे ‘हर हर महादेव’
धार्मिक नगरी वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर में तड़के से ही जलाभिषेक का सिलसिला जारी है। वहीं केदारनाथ मंदिर और महाकालेश्वर मंदिर में भी विशेष पूजन और रुद्राभिषेक का आयोजन किया जा रहा है। मंदिरों को आकर्षक फूलों और रोशनी से सजाया गया है।
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पूजा विधि और शुभ मुहूर्त
आज के दिन प्रातः स्नान के बाद शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और शहद अर्पित किया जाता है। ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करने और रात्रि जागरण करने का विशेष महत्व बताया गया है। चार प्रहर की पूजा करने से विशेष पुण्य फल की प्राप्ति होती है।
व्रत और आध्यात्मिक महत्व
धर्म शास्त्रों के अनुसार महाशिवरात्रि का व्रत रखने से पापों का नाश होता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इस दिन शिव चालीसा और रुद्राष्टक का पाठ अत्यंत फलदायी माना गया है।
श्रद्धालुओं का विश्वास है कि आज सच्चे मन से की गई आराधना से भगवान शिव शीघ्र प्रसन्न होते हैं और भक्तों की हर मनोकामना पूर्ण करते हैं।




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