- 4 महीने से फ्रीज खाता, दस्तावेज देने के बावजूद नहीं हुआ वेरीफाई — कर्मचारियों में आक्रोश
न्यूज डेस्क
लखनऊ:उत्तर प्रदेश में बैंकिंग व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। Central Bank of India की कार्यशैली एक बार फिर विवादों में है, जहां परिवहन निगम से जुड़े संविदा कर्मचारियों के संगठन का खाता महीनों से फ्रीज पड़ा है, लेकिन बैंक प्रशासन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर पाया है।
बड़ी खबर: गांव-गांव पहुंचेगी बस सेवा, 286 आवेदन हुए चयनित – 13 अप्रैल तक पूरी होगी स्क्रीनिंग
क्या है पूरा मामला
परिवहन निगम के संविदा कर्मचारियों के संगठन “संविदा कर्मचारी एकता संघ उप्र” का खाता (संख्या: 5427******) अचानक फ्रीज कर दिया गया। बताया जा रहा है कि इस खाते में कर्मचारियों द्वारा जमा किए गए चंदे की राशि आने के बाद बैंक ने संदेह के आधार पर खाता रोक दिया।
4 महीने से ज्यादा समय, फिर भी समाधान नहीं
हैरानी की बात यह है कि संगठन के पदाधिकारियों ने बैंक को सभी आवश्यक दस्तावेज और स्पष्टीकरण दे दिए, इसके बावजूद पिछले 4 महीनों से अधिक समय बीत जाने के बाद भी खाता वेरीफाई नहीं किया गया।
इस लापरवाही के चलते संगठन का कामकाज पूरी तरह प्रभावित हो रहा है।
मजदूर और पदाधिकारी दर-दर भटकने को मजबूर
खाता फ्रीज होने के कारण कर्मचारियों के हितों से जुड़े कई जरूरी कार्य रुक गए हैं। संगठन के पदाधिकारी लगातार बैंक और दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन हर बार उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिल रहा है।
कहां का है मामला?
यह पूरा मामला परिवहन निगम मुख्यालय स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ़ इंडिया की शाखा से जुड़ा हुआ है, जहां अधिकारियों की निष्क्रियता अब सवालों के घेरे में है। बड़े सवाल
• आखिर 4 महीने बाद भी खाता वेरीफाई क्यों नहीं किया गया?
• क्या बैंक प्रशासन जानबूझकर मामले को लटका रहा है?
• मजदूरों के हक के पैसों के साथ यह लापरवाही क्यों?
• जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई कब होगी?
महराजगंज के घुघली में ‘स्कूल चलो अभियान’ रैली : शिक्षा जागरूकता और शत-प्रतिशत नामांकन के लिए आयोजन
निष्कर्ष
यह मामला सिर्फ एक बैंक खाते का नहीं, बल्कि उन हजारों संविदा कर्मचारियों की आवाज़ का है, जिनका भरोसा बैंकिंग सिस्टम पर टिका हुआ है। अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो यह मुद्दा बड़ा आंदोलन बन सकता है।
शिकायत की सज़ा! दबंगों का हमला, महिला से अभद्रता का आरोप। शिकायत की कीमत हिंसा से चुकाई




Total Users : 107907
Total views : 131089