- 1003 में से 286 आवेदन चयनित, 13 अप्रैल तक पूरी होगी स्क्रीनिंग प्रक्रिया
लखनऊ | उत्तर प्रदेश में ग्रामीण परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना के तहत प्रदेश की हजारों ग्राम पंचायतों को जिला मुख्यालयों से जोड़ने की प्रक्रिया तेज हो गई है।
परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने जानकारी दी कि योजना के तहत मिनी बस संचालन के लिए प्रदेश के सभी 20 क्षेत्रों से 1003 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से अब तक 286 आवेदनों का चयन कर लिया गया है, जबकि शेष आवेदनों की स्क्रीनिंग 13 अप्रैल 2026 तक पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
क्षेत्रवार आवेदन (मुख्य आंकड़े)
सबसे ज्यादा आवेदन सहारनपुर (144) और प्रयागराज (118) से आए हैं, जबकि वाराणसी (90), अलीगढ़ (87) और मुरादाबाद (78) भी प्रमुख हैं।
अन्य क्षेत्रों जैसे लखनऊ, आगरा, कानपुर, गोरखपुर, झांसी समेत सभी मंडलों से भी आवेदन प्राप्त हुए हैं।
मई से सड़कों पर दिखेंगी मिनी बसें
परिवहन मंत्री ने निर्देश दिए हैं कि चयन प्रक्रिया की सभी औपचारिकताएं अप्रैल 2026 तक पूरी कर ली जाएं, ताकि मई से ग्रामीण क्षेत्रों में बसों का संचालन शुरू किया जा सके।
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योजना का बड़ा लक्ष्य
- प्रदेश की 59,163 ग्राम पंचायतों को जोड़ने की तैयारी
- लगभग 12,200 गांवों में नई परिवहन सुविधा
- 15 से 28 सीट क्षमता वाली निजी मिनी बसों का संचालन
- गांवों को सीधे ब्लॉक, तहसील और जिला मुख्यालय से कनेक्ट करना
क्या है मकसद?
इस योजना का मुख्य उद्देश्य उन ग्रामीण इलाकों तक परिवहन सुविधा पहुंचाना है जहां अभी तक बस सेवा सीमित या न के बराबर है। निजी बस ऑपरेटरों के जरिए ऐसे मार्गों पर सेवा शुरू की जाएगी, जहां परिवहन निगम की पहुंच कम है।
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सरकार का फोकस है कि दूरस्थ और असंबद्ध गांवों को मुख्यधारा से जोड़ा जाए और अंतिम व्यक्ति तक सस्ती, सुरक्षित और आसान यात्रा सुविधा पहुंचे।
निष्कर्ष:
यदि तय समयसीमा के भीतर प्रक्रिया पूरी होती है, तो मई से उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में परिवहन का नया अध्याय शुरू होगा, जिससे लाखों लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी आसान हो जाएगी।


