पानी में दूध मिलाकर परोसा गया ‘पोषण’, महोबा के स्कूल में सामने आई लापरवाही

Picture of nationstationnews

nationstationnews

  • महोबा के विद्यालय में मिड-डे मील पर सवाल
  • दूध में अधिक पानी की शिकायत

 

महोबा (उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश के महोबा जनपद के एक परिषदीय विद्यालय में मिड-डे मील के तहत वितरित किए गए दूध की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। छात्रों को जो दूध परोसा गया, वह अत्यधिक पतला पाया गया, जिससे अभिभावकों और स्थानीय लोगों में नाराज़गी है।

खाद माफियाओं की मनमानी! बुजुर्गों को लाइन में तड़पाया, अपनों को अंदर से बांटी गई यूरिया

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बच्चों को दिए गए दूध में पानी की मात्रा इतनी अधिक थी कि उसका रंग और स्वाद दोनों सामान्य दूध से भिन्न थे। ग्रामीणों का आरोप है कि पोषण योजना के नाम पर बच्चों की सेहत से समझौता किया जा रहा है।

मिड-डे मील योजना का उद्देश्य विद्यार्थियों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराना और कुपोषण की समस्या को कम करना है। किंतु यदि गुणवत्ता से समझौता किया जाएगा तो योजना का मूल उद्देश्य प्रभावित होगा।

स्थानीय लोगों ने मामले की जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने कहा है कि शिकायत मिलने पर जांच कराई जाएगी और यदि अनियमितता पाई गई तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

https://nationstationnews.com/fiber-gas-cylinder-up-news/

इस घटना ने एक बार फिर विद्यालयों में पोषण आहार की गुणवत्ता की निगरानी पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है।

[wps_visitor_counter]