- उद्धव ठाकरे को पहले से था संकेत, बोले— ‘जिसे जाना है, वह जाए’; शिवसेना-UBT में नए राजनीतिक संकट की अटकलें तेज।
- शिंदे बगावत के चार साल बाद फिर संगठन पर संकट के बादल, सांसदों की संभावित नाराजगी ने बढ़ाई चिंता।
- 9 सांसदों में 6 के अलग होने की चर्चा से महाविकास आघाड़ी की रणनीति पर भी उठे सवाल।
न्यूज डेस्क
मुंबई/नई दिल्ली। महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ी हलचल देखने को मिल रही है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के 9 लोकसभा सांसदों में से 6 सांसद पार्टी से अलग होने की तैयारी में हैं। सूत्रों के अनुसार इनमें से 2 सांसद दिल्ली पहुंच चुके हैं, जबकि 4 अन्य सांसद आज रात या बुधवार सुबह तक दिल्ली पहुंच सकते हैं।
हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन संभावित टूट की अटकलों ने महाराष्ट्र की राजनीति का तापमान बढ़ा दिया है।
पहले से था आभास?
बताया जा रहा है कि उद्धव ठाकरे को पहले से ही पार्टी में असंतोष और संभावित टूट का संकेत मिल चुका था। इसी कारण उन्होंने हाल के दिनों में सार्वजनिक रूप से कहा था कि जिसे जाना है वह जा सकता है।
उद्धव ठाकरे ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा था कि वर्तमान समय उनके पक्ष में नहीं है, लेकिन राजनीति में परिस्थितियां हमेशा एक जैसी नहीं रहतीं।
“आज समय हमारा नहीं है, लेकिन एक दिन हमारा भी समय आएगा।”
2022 में भी लगा था बड़ा झटका
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यह पहला अवसर नहीं है जब उद्धव ठाकरे को संगठनात्मक संकट का सामना करना पड़ रहा हो। वर्ष 2022 में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में शिवसेना के 55 विधायकों में से 40 विधायक अलग हो गए थे। इसके बाद शिंदे गुट ने पार्टी पर दावा किया और महाराष्ट्र की सत्ता में नई राजनीतिक व्यवस्था बनी।
उस घटनाक्रम ने शिवसेना को दो हिस्सों में बांट दिया था। अब यदि सांसदों का एक बड़ा वर्ग भी अलग होता है तो इसे उद्धव ठाकरे के लिए दूसरा बड़ा राजनीतिक झटका माना जाएगा।
महाराष्ट्र की राजनीति पर क्या होगा असर?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि सांसदों का यह समूह औपचारिक रूप से अलग होता है तो इसका असर आगामी स्थानीय निकाय और विधानसभा चुनावों पर पड़ सकता है। इससे महाविकास आघाड़ी की रणनीति और विपक्षी राजनीति पर भी प्रभाव पड़ने की संभावना है।
हालांकि अंतिम तस्वीर सांसदों के सार्वजनिक रुख और संभावित राजनीतिक फैसले के बाद ही साफ होगी।
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मुख्य बिंदु
शिवसेना-UBT के 9 सांसदों में से 6 के टूटने की चर्चा।
2 सांसदों के दिल्ली पहुंचने की जानकारी, 4 और पहुंच सकते हैं।
उद्धव ठाकरे ने पहले ही असंतोष के संकेत दिए थे।
2022 में 40 विधायक एकनाथ शिंदे के साथ अलग हो चुके हैं।
संभावित घटनाक्रम को उद्धव ठाकरे के लिए दूसरा बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।
(नोट: सांसदों के टूटने संबंधी दावे पर अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। राजनीतिक घटनाक्रम पर सभी पक्षों के आधिकारिक बयान आने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी।)





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