उत्तर प्रदेश पुलिस पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मामला Uttar Pradesh के फतेहपुर जिले का है, जहां थाना खागा पुलिस पर आरोप है कि एक 14 वर्षीय नाबालिग को 18 वर्ष का दर्शाकर चोरी के मामले में जेल भेज दिया गया।
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पीड़ित महिला रेखा सिंह, जो होमगार्ड में तैनात हैं, ने आरोप लगाया है कि उनके बेटे अभिषेक (उम्र 14 वर्ष) को बालिग दिखाकर जेल भेजा गया। मामला Fatehpur के खागा थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है।
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क्या है पूरा आरोप?
- • 14 वर्षीय नाबालिग को 18 वर्ष का बताया गया
- • चोरी के केस में सीधे जेल भेजने का आरोप
- • परिजनों का दावा – उम्र संबंधी दस्तावेज मौजूद
- • पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल
परिवार का कहना है कि उनके पास जन्म प्रमाण पत्र और स्कूल रिकॉर्ड मौजूद हैं, जो साबित करते हैं कि अभिषेक नाबालिग है। इसके बावजूद उसे बालिग मानकर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
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कानूनी सवाल
अगर आरोप सही पाए जाते हैं तो यह किशोर न्याय कानून का गंभीर उल्लंघन माना जाएगा। नाबालिग आरोपी को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया जाना चाहिए, न कि सीधे जेल भेजा जाना चाहिए।
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अब इस पूरे मामले में पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। क्या उम्र की सही जांच किए बिना कार्रवाई की गई? या फिर कहीं बड़ी लापरवाही हुई?
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फिलहाल परिजन न्याय की गुहार लगा रहे हैं और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।




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