बांग्लादेश में ईंधन संकट, भारत ने भेजा 5,000 टन डीजल — विरोध के बीच भी निभाया पड़ोसी धर्म

Picture of nationstationnews

nationstationnews

 

 

  • विरोध के बीच भी भारत की मदद: ईंधन संकट से जूझ रहे बांग्लादेश को पाइपलाइन से भेजा गया 5,000 टन डीजल

UPSC में फर्जी सफलता का दावा! बिहार की आकांक्षा सिंह का झूठ बेनकाब, प्री भी नहीं कर पाईं पास

ढाका/नई दिल्ली:

गंभीर ईंधन संकट से जूझ रहे बांग्लादेश को राहत देने के लिए भारत ने एक बार फिर मदद का हाथ बढ़ाया है। द्विपक्षीय ऊर्जा सहयोग के तहत भारत ने पाइपलाइन के माध्यम से 5,000 टन डीजल की खेप बांग्लादेश भेजी है। यह आपूर्ति इंडिया–बांग्लादेश फ्रेंडशिप पाइपलाइन के जरिए की जा रही है, जो भारत के सिलीगुड़ी क्षेत्र से बांग्लादेश के पार्वतीपुर डिपो तक जुड़ी है।

बांग्लादेश पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (BPC) के अनुसार भारत और बांग्लादेश के बीच हुए समझौते के तहत हर साल करीब 1,80,000 टन डीजल पाइपलाइन के माध्यम से बांग्लादेश को सप्लाई किया जाएगा। इस समझौते के पहले छह महीनों में ही लगभग 90,000 टन डीजल की आपूर्ति का लक्ष्य रखा गया है। इसी योजना के तहत पहली खेप के रूप में 5,000 टन डीजल भेजा गया है, जिससे बांग्लादेश के उत्तरी इलाकों में ईंधन आपूर्ति को स्थिर करने में मदद मिलेगी।

“बस कंडक्टर से लूट करने वाला निकला पड़ोस का ही शातिर… पुलिस ने 48 घंटे में दबोचा!”

बांग्लादेश में गहराता ईंधन संकट

हाल के दिनों में बांग्लादेश में ईंधन की कमी की स्थिति सामने आई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, आयात पर बढ़ता दबाव और आपूर्ति तंत्र की चुनौतियों के कारण देश के कई हिस्सों में डीजल और पेट्रोल की उपलब्धता प्रभावित हुई है। स्थिति को देखते हुए सरकार ने कई जगह ईंधन वितरण पर सीमाएं तय कर दी हैं ताकि आपूर्ति संतुलित बनी रहे।

जमाखोरी और अवैध बिक्री पर कार्रवाई

बांग्लादेश सरकार का कहना है कि मौजूदा संकट का फायदा उठाते हुए कुछ व्यापारी बाजार में कृत्रिम कमी पैदा करने के लिए फ्यूल की जमाखोरी और अवैध बिक्री कर रहे हैं। इसे रोकने के लिए प्रशासन ने मोबाइल कोर्ट अभियान शुरू किया है और जमाखोरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। सरकार का दावा है कि इन कदमों से बाजार में ईंधन की उपलब्धता धीरे-धीरे सामान्य होगी।

अब दिन नहीं, रातें भी जानलेवा!’ भीषण गर्मी की चपेट में भारत, 417 जिले हाई-रिस्क जोन में

भारत विरोध के बीच भी जारी सहयोग

 

विशेषज्ञों का कहना है कि यह मदद ऐसे समय में आई है जब हाल के महीनों में बांग्लादेश की राजनीति और सड़कों पर कई बार भारत विरोधी बयानबाज़ी और प्रदर्शन देखने को मिले हैं। इसके बावजूद भारत ने ऊर्जा सहयोग जारी रखते हुए संकट के समय पड़ोसी देश की मदद की है।

 

क्षेत्रीय सहयोग की मिसाल

 

ऊर्जा विशेषज्ञों के अनुसार इंडिया-बांग्लादेश फ्रेंडशिप पाइपलाइन दक्षिण एशिया में ऊर्जा सहयोग का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है। इससे न केवल बांग्लादेश को नियमित ईंधन आपूर्ति मिलती है बल्कि दोनों देशों के आर्थिक और रणनीतिक संबंध भी मजबूत होते हैं।

निष्कर्ष:

ईंधन संकट के बीच भारत से आई यह डीजल खेप बांग्लादेश के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है। साथ ही यह कदम यह भी दिखाता है कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद क्षेत्रीय सहयोग और मानवीय मदद जारी रह सकती है।

Our Visitor

1 0 7 9 0 8
Total Users : 107908
Total views : 131091