- भारत में गर्मी का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। नई CEEW रिपोर्ट के मुताबिक देश के 417 जिले हाई-रिस्क कैटेगरी में आ चुके हैं। रिपोर्ट बताती है कि भारत के 57% जिले और 76% आबादी भीषण गर्मी की चपेट में है। अब केवल दिन ही नहीं बल्कि घुटन भरी गर्म रातें भी लोगों की सेहत के लिए बड़ा खतरा बन रही हैं।
- • किन जिलों में सबसे ज्यादा खतरा
• क्यों बढ़ रही हैं ‘हॉट नाइट्स’
• गर्मी से लोगों की जान पर कितना खतरा
नई रिपोर्ट का बड़ा खुलासा — देश के 57% जिले और 76% आबादी भीषण गर्मी के खतरे में, बढ़ती नमी और घुटन भरी ‘हॉट नाइट्स’ से बढ़ रहा मौत का जोखिम
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भारत में गर्मी का कहर हर साल बढ़ता जा रहा है, लेकिन इस बार खतरा सिर्फ तपते दिनों तक सीमित नहीं है। एक नई रिपोर्ट ने चेतावनी दी है कि अब रातें भी जानलेवा होती जा रही हैं।
दिल्ली स्थित थिंक टैंक Council on Energy, Environment and Water (CEEW) की ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक देश के 417 जिले ‘हाई रिस्क’ हीट कैटेगरी में पहुंच चुके हैं। इसका मतलब है कि यहां गर्मी, नमी और उमस मिलकर इंसानी शरीर के लिए बेहद खतरनाक हालात पैदा कर रहे हैं।
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76% आबादी भीषण गर्मी के खतरे में
रिपोर्ट के अनुसार भारत के 57% जिले और करीब 76% आबादी अब ऐसे इलाकों में रहती है जहां गर्मी का खतरा लगातार बढ़ रहा है।
https://www.instagram.com/reel/DVl2ZZok_Of/?igsh=MW1obnZ5YWdnMnF0aw==
- गर्मी की समस्या अब सिर्फ तापमान तक सीमित नहीं रही। इसमें तीन बड़े खतरे शामिल हो गए हैं—
• अत्यधिक तापमान
• बढ़ती नमी (Humidity)
• रात में भी तापमान का कम न होना
यही वजह है कि अब ‘हॉट नाइट्स’ यानी गर्म और घुटन भरी रातें लोगों की सेहत पर सीधा हमला कर रही हैं।
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रात में शरीर को नहीं मिल रहा आराम
विशेषज्ञों के मुताबिक पहले रात के समय तापमान गिरने से शरीर को राहत मिल जाती थी। लेकिन अब कई शहरों और जिलों में रात का तापमान भी असामान्य रूप से ऊंचा बना रहता है।
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इससे शरीर को ठंडा होने का मौका नहीं मिलता और हीट स्ट्रेस, डिहाइड्रेशन और हार्ट संबंधी खतरे बढ़ जाते हैं।
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गरीब और मजदूर सबसे ज्यादा खतरे में
- रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि गर्मी का सबसे ज्यादा असर इन वर्गों पर पड़ रहा है—
• दिहाड़ी मजदूर
• खेतों में काम करने वाले किसान
• निर्माण कार्य से जुड़े श्रमिक
• झुग्गी बस्तियों में रहने वाले लोग
इनके पास एसी, कूलर या पर्याप्त पानी जैसी सुविधाएं नहीं होती, जिससे गर्मी उनके लिए जानलेवा बन सकती है।
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आने वाले सालों में हालात और बिगड़ सकते हैं
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर अभी से ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले वर्षों में हीटवेव भारत की सबसे बड़ी प्राकृतिक आपदा बन सकती है।
इससे न सिर्फ स्वास्थ्य संकट बढ़ेगा बल्कि कृषि, बिजली की मांग और अर्थव्यवस्था पर भी भारी दबाव पड़ेगा।
क्या करना होगा?
- रिपोर्ट में सरकारों को सलाह दी गई है कि—
• शहरों में हीट एक्शन प्लान लागू किए जाएं
• अधिक ग्रीन कवर और जल स्रोत बढ़ाए जाएं
• मजदूरों के लिए कार्य समय में बदलाव किया जाए
• गर्मी से बचाव को लेकर जन जागरूकता अभियान चलाए जाए
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भारत में गर्मी अब सिर्फ मौसम नहीं, बल्कि तेजी से बढ़ता राष्ट्रीय संकट बनती जा रही है। अगर हालात ऐसे ही रहे तो आने वाले सालों में तपते दिन और घुटन भरी रातें करोड़ों लोगों के लिए जान का खतरा बन सकती हैं।




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