ईरानी हमले के बाद कतर का बड़ा फैसला: भारत को LNG सप्लाई में भारी कटौती, इंडस्ट्री पर असर शुरू

Picture of nationstationnews

nationstationnews

 

 

  • रास लफ़्फ़ान और मेसाईद प्लांट बंद, भारतीय कंपनियों ने गैस आपूर्ति घटाई; ऊर्जा सुरक्षा पर मंडराया संकट

 

खाड़ी में फिर भड़की आग: ओमान के पोर्ट सुल्तान कबूस के पास ऑयल टैंकर पर हमला, एक भारतीय की मौत

नई दिल्ली/दोहा:

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच कतर ने भारत को होने वाली LNG (लिक्विफाइड नेचुरल गैस) आपूर्ति में भारी कटौती कर दी है। यह कदम उस समय उठाया गया जब ईरान ने सोमवार को कतर के दो बड़े गैस प्लांट — रास लफ़्फ़ान इंडस्ट्रियल सिटी और मेसाईद इंडस्ट्रियल सिटी — पर शक्तिशाली हमला किया। हमले के बाद कतर ने सुरक्षा कारणों से दोनों प्लांट अस्थायी रूप से बंद करने का फैसला किया।

https://www.instagram.com/reel/DVblOofE4DP/?igsh=bmU2MXM1ZzNkbTVi

कतर की सरकारी ऊर्जा कंपनी QatarEnergy के इन प्लांटों से दुनिया के कई देशों को LNG की सप्लाई होती है। उत्पादन रुकने से वैश्विक गैस बाजार में हड़कंप मच गया है और स्पॉट LNG की कीमतों में उछाल दर्ज किया गया है।

खामेनेई की मौत पर चुप्पी, खाड़ी से लगातार संवाद… पश्चिम एशिया को लेकर भारत की क्या है कूटनीति?

https://youtube.com/shorts/uEmd1UC8d3A?si=WPZDOgdIWG0O8ewO

भारत पर क्या असर?

मेवाड़ के आराध्यदेव सांवलियाजी का मासिक भंडार खुला पहले दिन 10.65 करोड़ की गिनती, ग्रहण और होली के कारण अब दो दिन बाद होगी शेष गणना

भारत अपनी प्राकृतिक गैस जरूरतों का बड़ा हिस्सा कतर से आयात करता है। ऐसे में आपूर्ति में कटौती का सीधा असर देश की ऊर्जा व्यवस्था पर पड़ा है। सूत्रों के मुताबिक, भारतीय गैस कंपनियों ने इंडस्ट्रीज को दी जाने वाली गैस सप्लाई में कटौती शुरू कर दी है ताकि प्राथमिकता घरेलू उपभोक्ताओं और बिजली उत्पादन को दी जा सके।

अमेरिका-इजराइल हमलों के बाद ईरान में बड़ा बदलाव, अलीरेजा अराफी लीडरशिप काउंसिल में नियुक्त

खाद, पेट्रोकेमिकल, सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन और पावर सेक्टर पर इसका असर दिखने लगा है। यदि हालात लंबे समय तक बने रहे तो गैस आधारित बिजली संयंत्रों और उर्वरक उद्योग की लागत बढ़ सकती है, जिसका असर आम उपभोक्ताओं तक पहुंच सकता है।

https://www.instagram.com/reel/DVXedQbk-Qp/?igsh=c3N0bjZzcXhic2wy

लखनऊ से बड़ी खबर | उज्ज्वला परिवारों को ₹1,500 करोड़ की सब्सिडी का तोहफा

वैश्विक बाजार में उथल-पुथल

कतर दुनिया के सबसे बड़े LNG निर्यातकों में से एक है। रास लफ़्फ़ान टर्मिनल से बड़े पैमाने पर निर्यात होता है। प्लांट बंद होने से एशिया और यूरोप के बाजारों में सप्लाई का संतुलन बिगड़ गया है। विश्लेषकों का मानना है कि अगर तनाव और बढ़ा तो कच्चे तेल के साथ-साथ गैस की कीमतें भी रिकॉर्ड स्तर छू सकती हैं।

नेताओं के समधियों पर आयकर का शिकंजा, दूसरे दिन भी बड़ी कार्रवाई

ऊर्जा सुरक्षा पर सवाल

विशेषज्ञों का कहना है कि यह घटनाक्रम भारत के लिए ऊर्जा स्रोतों के विविधीकरण की जरूरत को फिर से रेखांकित करता है। अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और अफ्रीकी देशों से LNG आयात बढ़ाने के विकल्पों पर तेजी से विचार किया जा सकता है।

https://www.instagram.com/reel/DVQcu_ME9wX/?igsh=MXB2Nm50djJ5ZG12

फिलहाल सरकार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और वैकल्पिक आपूर्ति सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

यूपी की सरकारी कंपनियों में हजारों करोड़ का घाटा, CAG रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

अगर पश्चिम एशिया में हालात नहीं सुधरे, तो आने वाले हफ्तों में गैस संकट और गहरा सकता है।

 

Our Visitor

1 0 7 9 1 4
Total Users : 107914
Total views : 131098