- सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी होगी कम, 500 नए Consultant पद खोलने की तैयारी
- नियमित भर्ती होने तक अनुभवी डॉक्टरों की सेवाएं लेने पर जोर, अधिकतम आयु सीमा 65 से बढ़कर 70 वर्ष
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए प्रदेश सरकार ने अहम कदम उठाया है। सरकार ने रिटायर्ड विशेषज्ञ डॉक्टरों की दोबारा नियुक्ति की अधिकतम आयु सीमा 65 वर्ष से बढ़ाकर 70 वर्ष करने का फैसला लिया है। इसके साथ ही सरकारी अस्पतालों में 500 नए Consultant पद सृजित किए जाने की जानकारी सामने आई है।
सरकार का उद्देश्य विशेषज्ञ डॉक्टरों की तत्काल उपलब्धता सुनिश्चित करना है, ताकि अस्पतालों में मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं के लिए लंबा इंतजार न करना पड़े। नियमित भर्ती प्रक्रिया पूरी होने तक रिटायर्ड विशेषज्ञों की सेवाओं का उपयोग करने की व्यवस्था को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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अनुभवी विशेषज्ञों की सेवाओं का मिलेगा लाभ
नई व्यवस्था से ऐसे विशेषज्ञ डॉक्टरों को दोबारा सेवा का अवसर मिल सकेगा, जो सेवानिवृत्ति के बाद भी चिकित्सकीय सेवाएं देने में सक्षम हैं। खासकर जिला अस्पतालों और अन्य सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी को देखते हुए यह कदम अहम माना जा रहा है।
500 Consultant पदों से बढ़ेगी विशेषज्ञ सेवाओं की क्षमता
सरकार की ओर से 500 नए Consultant पद खोलने की जानकारी भी सामने आई है। इन पदों के जरिए सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था में विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। इससे मरीजों को सरकारी अस्पतालों में ही विशेषज्ञ उपचार मिलने की संभावना बढ़ेगी।
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सरकार का फोकस: नियमित भर्ती के जरिए स्थायी रिक्तियां भरने के साथ-साथ अंतरिम अवधि में अनुभवी रिटायर्ड विशेषज्ञों की सेवाएं लेकर चिकित्सा व्यवस्था को मजबूत करना है।


