- स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में रुकावट की आशंका से वैश्विक बाजार में हलचल, रूसी तेल की मांग और कीमत दोनों बढ़ीं
नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर अब वैश्विक तेल बाजार पर साफ दिखाई देने लगा है। कच्चे तेल की कीमतों में आई तेज़ बढ़ोतरी से अंतरराष्ट्रीय बाजार में हलचल है, जबकि इसका सबसे बड़ा आर्थिक फायदा रूस को मिल रहा है।
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विशेषज्ञों के मुताबिक खाड़ी क्षेत्र के महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में संभावित रुकावटों और सुरक्षा चिंताओं के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है। यह मार्ग दुनिया की कुल तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा विभिन्न देशों तक पहुंचाने का प्रमुख रास्ता माना जाता है।
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ऐसे हालात में कई देश वैकल्पिक आपूर्ति के लिए रूसी तेल की ओर रुख कर रहे हैं। पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों के बावजूद रूसी तेल की मांग में तेजी आई है, जिससे उसकी कीमतों में भी उछाल देखने को मिला है।
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ऊर्जा बाजार के जानकारों का मानना है कि बढ़ती तेल कीमतों से व्लादिमीर पुतिन सरकार की आय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हो सकती है। इससे रूस की अर्थव्यवस्था और उसकी सैन्य गतिविधियों को भी आर्थिक मजबूती मिलने की संभावना जताई जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि मिडिल ईस्ट में तनाव लंबा खिंचता है तो वैश्विक तेल कीमतों में और तेजी आ सकती है। इसका असर दुनिया भर में महंगाई, परिवहन लागत और ऊर्जा बाजार पर भी पड़ सकता है।




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