ETIM पटल से गायब मिला कर्मी, वीडियो वायरल होने पर महिला परिचालक को ही थमा दिया स्पष्टीकरण नोटिस

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  • रामपुर रोडवेज डिपो में ड्यूटी के दौरान अनियमितता का आरोप
  • अब वायरल वीडियो के आधार पर ETIM कर्मी भी जांच के दायरे में; कर्मचारियों ने उठाए कार्यप्रणाली पर सवाल

न्यूज़ डेस्क 

रामपुर। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) के रामपुर डिपो में ड्यूटी के दौरान कथित अनियमितता का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। ETIM (इलेक्ट्रॉनिक टिकटिंग मशीन) पटल पर तैनात कर्मचारी के ड्यूटी के समय अपनी सीट से गायब रहने और कार्यालय में फिल्मी गाने चलने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पूरे प्रकरण ने नया मोड़ ले लिया है। हैरानी की बात यह रही कि वीडियो सामने आने के बाद सबसे पहले कार्रवाई शिकायत उठाने वाली महिला संविदा परिचालक सुधा सैनी के खिलाफ हुई, जिन्हें 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण देने का नोटिस जारी कर दिया गया।

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विभाग द्वारा जारी नोटिस में महिला परिचालक पर वरिष्ठ अधिकारियों से अभद्र व्यवहार करने और अनुशासनहीनता का आरोप लगाया गया है। नोटिस में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि निर्धारित समय के भीतर संतोषजनक उत्तर प्रस्तुत नहीं किया गया तो संविदा परिचालक का अनुबंध समाप्त करने की कार्रवाई की जा सकती है। इस कार्रवाई के बाद कर्मचारियों के बीच यह चर्चा तेज हो गई कि आखिर शिकायत करने वाले कर्मचारी पर पहले कार्रवाई क्यों की गई, जबकि वीडियो में दिखाई दे रही कथित अनियमितताओं की जांच बाद में शुरू हुई।

महिला परिचालक का कहना है कि जब वह ETIM पटल पर पहुंचीं तो वहां ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी मौजूद नहीं था। आरोप है कि कार्यालय में फिल्मी गाने चल रहे थे और कार्य प्रभावित हो रहा था। उन्होंने इस स्थिति का विरोध किया और मामले से वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया। उनका दावा है कि शिकायत का समाधान करने के बजाय उन्हें ही नोटिस जारी कर दिया गया।

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इस घटनाक्रम के बाद डिपो के अन्य कर्मचारियों ने भी व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। कर्मचारियों का कहना है कि लोड फैक्टर कम होने के कारण परिचालकों को कई-कई घंटे तक बिना कार्य के डिपो में बैठाए रखा जाता है, जबकि संचालन व्यवस्था में मौजूद खामियों पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जाता। कर्मचारियों का आरोप है कि व्यवस्थागत कमियों की ओर ध्यान आकर्षित करने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई कर उन्हें दबाने का प्रयास किया जाता है।

मामला सोशल मीडिया पर वायरल होने और चर्चा का विषय बनने के बाद विभाग ने भी अपना पक्ष रखा है। प्रभारी एआरएम, रामपुर डिपो रामप्रकाश ने कहा कि मामले को गंभीरता से लिया गया है और केवल एक पक्ष के आधार पर कार्रवाई नहीं की जाएगी।

प्रभारी एआरएम का पक्ष

प्रभारी एआरएम रामप्रकाश ने बताया,

“मामले की जानकारी मिलते ही जांच कराई गई है। प्रथम दृष्टया जो तथ्य सामने आए हैं, उनके आधार पर संबंधित कर्मचारी से स्पष्टीकरण मांगा गया है। वायरल वीडियो को भी जांच का महत्वपूर्ण आधार बनाया गया है तथा ETIM पटल पर तैनात कर्मी की भूमिका की भी जांच की जा रही है। यदि जांच के दौरान किसी अन्य कर्मचारी अथवा अधिकारी की लापरवाही या दोष सामने आता है तो उसके विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। विभाग निष्पक्ष जांच कर रहा है और किसी भी कर्मचारी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।”

अब पूरे मामले में विभागीय जांच की रिपोर्ट का इंतजार है। यदि वायरल वीडियो में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो कार्रवाई का दायरा केवल महिला परिचालक तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि ड्यूटी के दौरान अनुपस्थित पाए गए ETIM कर्मी तथा जिम्मेदार अधिकारियों पर भी विभागीय कार्रवाई हो सकती है। फिलहाल यह मामला रामपुर डिपो की कार्यप्रणाली, जवाबदेही और अनुशासन व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

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