फर्जी आख्या मामले में लेखपाल पर बड़ी कार्रवाई, मूल वेतन पर रिवर्ट

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  • मुरादाबाद में सरकारी जमीन पर फर्जी आख्या देने वाले लेखपाल पर गिरी गाज! डीएम अनुज सिंह की सख्त कार्रवाई, मूल वेतन पर रिवर्ट और ट्रांसफर

मुरादाबाद : मुरादाबाद में पुलिस लाइन स्थित सरकारी जमीन पर फर्जी आख्या (रिपोर्ट) देने के मामले में आरोपी लेखपाल सुनील शर्मा के खिलाफ प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है। विभागीय जांच में दोषी पाए जाने के बाद जिलाधिकारी अनुज सिंह ने उन्हें दंडित करते हुए मूल वेतन पर रिवर्ट कर दिया है। साथ ही सिविल लाइंस क्षेत्र से हटाकर उनका स्थानांतरण ठाकुरद्वारा कर दिया गया है। https://youtube.com/shorts/DF4o2EFV5r4?feature=share

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क्या है पूरा मामला?

आरोप है कि लेखपाल ने पुलिस लाइन की सरकारी जमीन के संबंध में गलत आख्या प्रस्तुत की, जिसमें भूमि को निजी व्यक्ति के पक्ष में दर्शाने की कोशिश की गई। जिलाधिकारी के आदेश पर जब पूरे प्रकरण की जांच कराई गई तो रिपोर्ट झूठी और तथ्यों से परे पाई गई।

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संदिग्ध NOC से खुली परतें

जांच के दौरान सिविल लाइंस क्षेत्र की नजूल भूमि से जुड़ी एक संदिग्ध NOC का मामला भी सामने आया। यह NOC Moradabad Development Authority (एमडीए) में दाखिल की गई थी। दस्तावेज़ पर लेखपाल के हस्ताक्षर तो पाए गए, लेकिन संबंधित तहसीलदार के हस्ताक्षर अपठनीय थे।

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जब इस संबंध में पूछताछ की गई तो लेखपाल सुनील शर्मा ने ऐसी किसी NOC को जारी करने की याद होने से इनकार कर दिया। वहीं तहसील और नजूल रिकॉर्ड की जांच में भी उक्त NOC का कोई दस्तावेज या क्रमांक दर्ज नहीं मिला, जिससे दस्तावेज़ की प्रामाणिकता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

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आगे की कार्रवाई

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि संदिग्ध NOC प्रकरण में भी लेखपाल के खिलाफ जांच जारी है। यदि दस्तावेज़ फर्जी पाए जाते हैं तो विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ आपराधिक मुकदमा दर्ज होने की संभावना भी जताई जा रही है।

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सरकारी जमीन से जुड़े मामलों में फर्जीवाड़े पर प्रशासन की यह सख्ती साफ संकेत दे रही है कि लापरवाही या मिलीभगत बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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