बजट 2026-27: सरकार ने बताया बजट कैसे बनेगा, मंत्रालयों को दिए साफ निर्देश

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  • बजट 2026-27 की तैयारी शुरू, मंत्रालयों को सख्त निर्देश
  • ऑनलाइन सिस्टम से बनेगा बजट, गोपनीयता पर जोर
  • अक्टूबर से प्री-बजट बैठकें, खर्च पर होगी कड़ी नजर
  • महिला, गरीब और पिछड़े वर्गों पर विशेष फोकस

न्यूज़ डेस्क 

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने बजट 2026-27 की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए वित्त मंत्रालय ने सभी मंत्रालयों और विभागों को एक सर्कुलर जारी किया है, जिसमें बताया गया है कि बजट कैसे तैयार होगा और किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।

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आम आदमी के लिए इसका मतलब क्या है?

सरकार चाहती है कि बजट सोच-समझकर और सही अंदाज़े के साथ बनाया जाए, ताकि साल के बीच बार-बार पैसे की कमी या अतिरिक्त मांग न हो।

बजट बनाने के अहम बिंदु

  • हर मंत्रालय को बताना होगा कि उसे अगले साल कितना पैसा चाहिए और क्यों
  • बजट से जुड़ी सारी जानकारी अब ऑनलाइन सिस्टम (UBIS) के जरिए दी जाएगी
  • बजट की जानकारी गोपनीय रखनी होगी
  • पुराने अधूरे खर्चों को नए बजट में छुपाया नहीं जा सकेगा

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प्री-बजट बैठकें अक्टूबर से

सरकार और मंत्रालयों के बीच 9 अक्टूबर 2025 से बैठकें शुरू होंगी। इनमें यह तय होगा कि किस विभाग को कितना पैसा मिलेगा।

गरीब, पिछड़े और महिलाओं पर ध्यान

इस बार के बजट में खास तौर पर ध्यान दिया जाएगा:

  • एससी-एसटी कल्याण योजनाओं पर
  • महिलाओं और बच्चों से जुड़ी योजनाओं पर
  • उत्तर-पूर्वी राज्यों के विकास पर

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फिजूलखर्ची पर रोक

सरकार ने साफ कहा है:

  • जो योजनाएं बंद हो चुकी हैं, उनके लिए पैसा नहीं मिलेगा
  • बिना मंजूरी कोई खर्च नहीं होगा
  • साल के अंत में पैसा बचाकर लौटाना सरकार की नज़र में गलत बजट प्लानिंग मानी जाएगी

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सरल शब्दों में निष्कर्ष

सरकार चाहती है कि बजट कागज़ी नहीं, ज़मीनी हकीकत पर आधारित हो। सही जगह सही खर्च हो, गरीब और आम आदमी तक योजनाओं का फायदा पहुंचे और सरकारी पैसे की बर्बादी न हो।

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