- रक्षा सहयोग और तकनीकी साझेदारी पर नए रास्ते खुल सकते हैं
- ऊर्जा क्षेत्र में दीर्घकालिक समझौते संभव
- बदलती अंतरराष्ट्रीय राजनीति के बीच भारत की संतुलित कूटनीति मजबूत होगी
- भारत-रूस की पुरानी रणनीतिक साझेदारी को नई मजबूती मिलेगी
न्यूज़ डेस्क
दिल्ली:रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दो दिवसीय भारत यात्रा पर आज दिल्ली पहुंच रहे हैं। शाम को उनका स्वागत होगा और वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ निजी डिनर करेंगे। अगले दिन राजकीय सम्मान, राजघाट पर श्रद्धांजलि, हैदराबाद हाउस में वार्षिक भारत-रूस शिखर सम्मेलन और भारत मंडपम में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित होगी। यह दौरा रक्षा, ऊर्जा, व्यापार और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भारत-रूस रिश्तों को नई दिशा देने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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पुतिन का भारत आगमन — कूटनीतिक दृष्टि से अहम दौरा
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का भारत दौरा अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत-रूस साझेदारी को और मजबूत करने वाला कदम माना जा रहा है। यह दो दिवसीय यात्रा कई महत्वपूर्ण रणनीतिक चर्चाओं से भरपूर होगी। पुतिन आज शाम करीब 6 बजे दिल्ली पहुंचेंगे, जहां उनका राजकीय स्वागत किया जाएगा।
PM मोदी के साथ निजी डिनर — रिश्तों में नई गर्माहट
आगमन के कुछ समय बाद ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पुतिन आज रात एक निजी डिनर में मिलेंगे। यह मुलाकात दोनों नेताओं के बीच अनौपचारिक बातचीत और सामरिक मुद्दों पर विचार-विमर्श का पहला चरण होगी।
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राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत
कल सुबह 9 बजे राष्ट्रपति भवन में पुतिन को गार्ड ऑफ ऑनर और औपचारिक स्वागत प्रदान किया जाएगा। यह हर शीर्ष स्तरीय दौरे का प्रतिष्ठित हिस्सा होता है।
राजघाट पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि
पुतिन अपने कार्यक्रम के तहत राजघाट जाएंगे और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। यह भारत-रूस मैत्री का प्रतीकात्मक और भावनात्मक हिस्सा माना जाता है।
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हैदराबाद हाउस में वार्षिक शिखर सम्मेलन
राजघाट से लौटने के बाद पुतिन और प्रधानमंत्री मोदी हैदराबाद हाउस में भारत-रूस वार्षिक समिट के दौरान आमने-सामने बैठेंगे।
यहाँ चर्चा हो सकती है—
- रक्षा सहयोग और संयुक्त उत्पादन
- ऊर्जा सुरक्षा और तेल-गैस आपूर्ति
- परमाणु ऊर्जा सहयोग
- व्यापार और निवेश बढ़ाने के नए प्रस्ताव
- अंतरराष्ट्रीय मुद्दे (यूक्रेन, वैश्विक सुरक्षा, बहुध्रुवीय विश्व)
- टेक्नोलॉजी व अंतरिक्ष सहयोग
यह बैठक दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देगी।
भारत मंडपम में भारत-रूस फोरम
दोपहर बाद भारत मंडपम में भारत–रूस फोरम का आयोजन होगा, जिसमें व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल, उद्योगपति और उच्चस्तरीय अधिकारी हिस्सा लेंगे।
यह प्लेटफॉर्म आर्थिक साझेदारी और दोनों देशों के बीच निवेश को बढ़ावा देने पर केंद्रित होगा।
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