• अगले सत्र से एमडी-एमएस के साथ डीएम और एमसीएच में भी सीटें
• डीएम-एमसीएच की सीटें 295 से बढ़कर होंगी 320
• असिस्टेंट प्रोफेसर के खाली पद भी जल्द भरने की तैयारी
• मेडिकल कॉलेजों में विशेषज्ञ डॉक्टर और बेहतर इलाज का मिलेगा फायदा
न्यूज़ डेस्क
ग़ौरव श्रीवास्तव
लखनऊ:-उत्तर प्रदेश के चिकित्सा संस्थानों में विशेषज्ञ डॉक्टर तैयार करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। आने वाले शैक्षणिक सत्र से न केवल एमडी (MD) और एमएस (MS) की सीटें बढ़ेंगी, बल्कि सुपर स्पेशलिटी कोर्स—डीएम (DM) और एमसीएच (MCh)—में भी सीटों का विस्तार किया जाएगा।
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फिलहाल प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में डीएम और एमसीएच की 295 सीटें हैं, जिन्हें बढ़ाकर 320 किए जाने की तैयारी चल रही है। यह बदलाव छात्रों के लिए उन्नत पढ़ाई और मरीजों के लिए बेहतर इलाज की दिशा में अहम साबित होगा।
चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, सीट बढ़ने से जहां ज्यादा विशेषज्ञ डॉक्टर तैयार होंगे, वहीं सुपर स्पेशलिटी इलाज को भी गति मिलेगी। प्रदेश के कई मेडिकल कॉलेजों में हृदय रोग, न्यूरो सर्जरी, यूरोलॉजी, ऑन्कोलॉजी और अन्य गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी महसूस होती रही है। इस कमी को पूरा करने में नई सीटें मददगार होंगी।
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इसी के साथ सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि असिस्टेंट प्रोफेसर के खाली पद जल्द ही भरे जाएंगे। अभी कई मेडिकल कॉलेजों में फैकल्टी की कमी के कारण छात्रों को पढ़ाई और ट्रेनिंग में दिक्कतें होती हैं। भर्ती पूरी होने पर शिक्षण व्यवस्था में सुधार आएगा और पढ़ाई का स्तर भी ऊपर जाएगा।
चिकित्सा शिक्षा मंत्री का कहना है कि प्रदेश को “मेडिकल हब” बनाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। मेडिकल कॉलेजों में सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं और सुपर स्पेशलिटी के विस्तार से आम जनता को बड़ी राहत मिलेगी।
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