चार करोड़ की ‘अदृश्य टंकी’ की तलाश, जमीन के नीचे खुदाई से मचा हड़कंप

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  • चार करोड़ खर्च, लेकिन टंकी नदारद
  • सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने से खुली पोल
  • लखनऊ से पहुंचे अधिकारी, जेसीबी से कराई गई खुदाई
  • कागजों में निर्माण पूरा, जमीन पर सन्नाटा

न्यूज़ डेस्क
जयसिंहपुर (सुल्तानपुर)।
सुल्तानपुर जनपद के जायसिंहपुर क्षेत्र में चार करोड़ रुपये की लागत से बनी बताई जा रही एक ‘अदृश्य पानी की टंकी’ का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। सोशल मीडिया पर मामला सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आया और लखनऊ से लेकर स्थानीय स्तर तक अधिकारियों की दौड़ शुरू हो गई। आरोप है कि कागजों में पूरी हो चुकी टंकी धरातल पर दिखाई ही नहीं दे रही, जिसके चलते अब जमीन के नीचे खुदाई कर टंकी की तलाश की जा रही है।

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बताया जा रहा है कि यह टंकी जल जीवन मिशन या ग्रामीण पेयजल योजना से जुड़ी परियोजना का हिस्सा थी, जिस पर करीब चार करोड़ रुपये खर्च दिखाए गए। लेकिन मौके पर न तो कोई ओवरहेड टंकी नजर आ रही है और न ही उससे जुड़ा कोई ठोस ढांचा। ग्रामीणों की शिकायत और वीडियो वायरल होने के बाद मामला प्रशासनिक गलियारों तक पहुंचा।

खुदाई कराई गई, अधिकारी मौके पर पहुंचे

मामले की गंभीरता को देखते हुए ब्लॉक मोतिगरपुर, जायसिंहपुर और सुल्तानपुर स्तर के अधिकारियों के साथ-साथ लखनऊ से भी विभागीय अफसर मौके पर पहुंचे। टंकी के निर्माण स्थल बताए जा रहे स्थान पर जेसीबी मशीन लगाकर खुदाई कराई गई, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं टंकी जमीन के नीचे तो नहीं बना दी गई या फिर निर्माण हुआ ही नहीं।

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ग्रामीणों का आरोप – कागजों में सब पूरा, हकीकत में कुछ नहीं

ग्रामीणों का कहना है कि कई बार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से शिकायत की गई, लेकिन हर बार कागजी औपचारिकताएं पूरी कर मामले को दबा दिया गया। अब जब मामला सार्वजनिक हुआ है, तो प्रशासन जांच की बात कर रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत से करोड़ों रुपये का घोटाला किया गया।

जांच के आदेश, कार्रवाई के संकेत

प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच कराई जा रही है। निर्माण से जुड़े दस्तावेज, भुगतान विवरण और भौतिक सत्यापन रिपोर्ट की जांच होगी। यदि अनियमितता या घोटाले की पुष्टि होती है, तो संबंधित ठेकेदारों और अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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फिलहाल ‘चार करोड़ की अदृश्य टंकी’ इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है और लोग जांच के नतीजों का इंतजार कर रहे हैं। यह मामला एक बार फिर सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार और निगरानी की कमी पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

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