चुनावी गानों पर अखिलेश यादव ने कहा,बिहार जैसा यहाँ न दोहराया न जाए

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  • सपा मुख्यालय से बड़ी खबर, कलाकारों और मीडिया को किया सावधान

लखनऊ: समाजवादी पार्टी मुख्यालय में शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने एक दिलचस्प लेकिन गंभीर संदेश दिया। उन्होंने बिहार चुनाव के दौरान बजे चर्चित और विवादित गानों का जिक्र करते हुए कलाकारों, समर्थकों और पत्रकारों को पहले ही सावधान कर दिया।

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कलाकारों को संदेश: “वैसे गाने मत बना देना”

अखिलेश यादव ने कहा—

“मैं कलाकार साथियों से कहूंगा कि बिहार में RJD के लिए जैसे गाने बने, वैसे गाने मत बना देना।”

उन्होंने हंसते हुए लेकिन इशारों में साफ कर दिया कि चुनाव के दौरान गानों की भाषा और शैली कई बार पार्टी की छवि पर उल्टा असर डाल देती है। बिहार चुनाव में RJD के लिए बने कई ‘रंगबाजी’ वाले गाने सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुए थे, लेकिन बाद में पार्टी को नुकसान का कारण भी बनाए गए।

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प्रेस से अपील: “किसी के बनाए गाने को हमारा मत बता देना”

अखिलेश ने पत्रकारों की ओर देखते हुए कहा—

“प्रेस के साथियों से कहूंगा—कोई कैसा भी गाना बनाए, उसे हमारा मत बता देना।”

यह बात उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में कही, लेकिन उनकी चिंता साफ झलकती है कि सोशल मीडिया के दौर में कोई भी गाना, वीडियो या पोस्ट पार्टी की ‘असली लाइन’ समझ ली जाती है और राजनीतिक विवाद खड़े कर देती है।

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बिहार चुनाव का संदर्भ: 32 गायकों को नोटिस तक भेजना पड़ा था

बिहार में पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान RJD को लेकर कई ‘रंगीन और आक्रामक’ गाने बनाए गए थे।

ये गाने चुनाव प्रचार से ज्यादा विवाद और आलोचना का कारण बने।

स्थिति इतनी बिगड़ी कि—

RJD को अपनी हार की वजह भी इन गानों को बताना पड़ा

पार्टी ने 32 गायकों को नोटिस तक भेजा

कहा गया कि बिना अनुमति पार्टी के नाम पर विवादित सामग्री बनाई गई

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अखिलेश ने इसी विवाद को उदाहरण बनाकर UP में सपा कार्यकर्ताओं को पहले ही चेतावनी दे दी है कि चुनावी गानों को नियंत्रण में रखा जाए।

माहौल हल्का लेकिन संदेश गंभीर

प्रेस कॉन्फ्रेंस में माहौल हल्का रहा, कई जगह हंसी भी गूंजी, लेकिन अखिलेश का संदेश साफ था—

चुनावी माहौल में रचनात्मकता का स्वागत है

लेकिन पार्टी की विचारधारा के विपरीत या उग्र गाने नुकसान पहुंचा सकते हैं

डिजिटल प्रचार में सावधानी बेहद जरूरी है

 

अखिलेश यादव का ये बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

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सपा कार्यकर्ताओं के बीच भी इसे हल्के मजाक के साथ-साथ एक चेतावनी के रूप में लिया जा रहा है।

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