- कन्नौज की 60 वर्षीय महिला की मौत, डॉक्टरों की लापरवाही पर गंभीर सवाल
- . दूसरे अस्पताल पहुंचते ही मिला मौत और फ्रैक्चर का खुलासा
- 4. परिजनों का आरोप—इलाज में भारी लापरवाही, समय पर मदद नहीं मिली
- प्रशासन हरकत में, अस्पताल की रिपोर्ट और CCTV खंगालने की तैयारी
- CPR देते समय पसलियां टूटीं—परिजनों ने उठाए इलाज पर सवाल
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कन्नौज : सुधा (60 वर्ष) की मौत एक निजी अस्पताल की कथित लापरवाही के कारण हो गई। परिवार का आरोप है कि सांस लेने में दिक्कत होने पर उन्हें कानपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान डॉक्टरों ने ऐसे कदम उठाए जिनसे उनकी हालत और बिगड़ गई।
CPR के दौरान डॉक्टरों ने लगाई “अत्यधिक ताकत”, टूट गईं पसलियां
परिजनों के मुताबिक, सुधा की तबीयत बिगड़ने पर डॉक्टरों ने CPR देना शुरू किया, लेकिन इतनी ज्यादा ताकत का इस्तेमाल किया कि उनकी कई पसलियां टूट गईं।
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CPR एक आपातकालीन प्रक्रिया है, लेकिन इसके दौरान डॉक्टरों को निर्धारित मेडिकल प्रोटोकॉल का पालन करना होता है।
परिवार का कहना है कि अगर इलाज सावधानी से किया जाता तो यह हादसा टाला जा सकता था।
दूसरे अस्पताल ले जाने पर हुआ बड़ा खुलासा
पहले अस्पताल में स्थिति बिगड़ने पर सुधा को रेफर कर दिया गया।
जब परिजन उन्हें दूसरे अस्पताल लेकर पहुंचे, वहां की जांच में दो चौंकाने वाली बातें सामने आईं
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1. सुधा की मौत हो चुकी थी।
2. कई पसलियों में फ्रैक्चर मिला, जो CPR के दौरान हुए दबाव के कारण हुआ माना जा रहा है।
दूसरे अस्पताल के डॉक्टरों ने भी पसलियों की चोट को “गंभीर” बताया और परिवार को तुरंत रिपोर्ट प्रदान की।
परिवार ने उठाए सवाल — “इलाज किया या नुकसान?”
परिजनों का आरोप है कि—
• डॉक्टरों ने समय रहते वेंटिलेशन सपोर्ट और जरूरी इलाज नहीं दिया
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• CPR बिना विशेषज्ञ निगरानी के किया गया
• इलाज से ज्यादा कमाई पर ध्यान दिया गया
• रेफर करने से पहले मरीज को मृत घोषित नहीं किया गया
परिजन पूरे मामले की जांच और अस्पताल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
प्रशासन हरकत में — जांच की तैयारी
परिजनों की शिकायत पर मामला जिला प्रशासन के पास पहुंचा है।
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स्वास्थ्य विभाग अब
• अस्पताल के CCTV फुटेज,
• मरीज की इलाज फाइल,
• और दोनों अस्पतालों की रिपोर्ट
जांच के लिए बुलवा सकता है।
अगर CPR प्रक्रिया में लापरवाही साबित होती है, तो अस्पताल प्रबंधन और जिम्मेदार डॉक्टरों पर धारा 304A (लापरवाही से मौत) के तहत कार्रवाई संभव हसवाल जो अभी बाकी हैं
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• क्या CPR सही तरीके से दिया गया था?
• क्या अस्पताल ने मरीज को मृत होने के बाद भी रेफर कर दिया?
• क्या यह मामला मानव जीवन से खिलवाड़ और गंभीर चिकित्सीय लापरवाही का है?
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