यूपी/राजस्थान
उत्तर प्रदेश कैडर की चर्चित IPS अधिकारी अंशिका वर्मा का विवाह से पहले विधिवत नामकरण कर उन्हें “अंशिका बिश्नोई” बना दिया गया है। यह नामकरण बिश्नोई समाज की पारंपरिक धार्मिक प्रक्रिया ‘पाहाल’ के तहत अमावस्या के दिन संतों द्वारा संपन्न कराया गया।
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जानकारी के अनुसार, अंशिका वर्मा की शादी 29 मार्च को राजस्थान के बाड़मेर में IPS अधिकारी कृष्ण बिश्नोई के साथ होने जा रही है। शादी से पहले इस परंपरा का निर्वहन करते हुए उन्हें बिश्नोई समाज में शामिल किया गया, जिसके बाद अब वे आधिकारिक रूप से अंशिका बिश्नोई कहलाई जाएंगी।
क्या है ‘पाहाल’ परंपरा?
बिश्नोई समाज में ‘पाहाल’ एक महत्वपूर्ण धार्मिक रस्म होती है, जिसके माध्यम से किसी व्यक्ति को समाज के नियमों और सिद्धांतों में दीक्षित किया जाता है। इस प्रक्रिया के दौरान संत विशेष मंत्रों और विधि-विधान के साथ व्यक्ति को नया नाम और पहचान प्रदान करते हैं।
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अमावस्या का विशेष महत्व
इस नामकरण के लिए अमावस्या का दिन चुना गया, जिसे धार्मिक दृष्टि से अत्यंत शुभ माना जाता है। इसी दिन संतों की उपस्थिति में सभी रीति-रिवाजों का पालन करते हुए यह प्रक्रिया पूरी की गई।
चर्चा का विषय क्यों?
एक उच्च पदस्थ IPS अधिकारी का विवाह से पहले इस तरह नाम बदलना सामान्य नहीं है, लेकिन अंशिका ने परंपराओं का सम्मान करते हुए यह कदम उठाया। यही वजह है कि यह खबर प्रशासनिक और सामाजिक दोनों ही क्षेत्रों में चर्चा का विषय बनी हुई है।
29 मार्च को होगी शादी
अब सभी की निगाहें 29 मार्च पर टिकी हैं, जब बाड़मेर में अंशिका बिश्नोई और कृष्ण बिश्नोई विवाह बंधन में बंधेंगे। इस शादी में कई प्रशासनिक अधिकारी, समाज के प्रमुख लोग और विशिष्ट अतिथियों के शामिल होने की संभावना है।
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👉 यह मामला एक बार फिर यह दिखाता है कि आधुनिकता के दौर में भी परंपराएं अपनी अहमियत बनाए हुए हैं और लोग उन्हें गर्व के साथ निभा रहे हैं।




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