- शिकायत के बावजूद नहीं मिली सुरक्षा, हिस्ट्रीशीटर ने दिनदहाड़े मारी गोली
- एक दिन पहले मांगी थी सुरक्षा, अगले ही दिन हो गई हत्या
- पुलिस की अनदेखी या सिस्टम की नाकामी? वकील की जान गई
- पहले भी हुआ था हमला, फिर भी नहीं चेती पुलिस
मिर्जापुर:उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर से कानून-व्यवस्था को झकझोर देने वाली एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। शुक्रवार सुबह शहर के बीचों-बीच अधिवक्ता राजीव कुमार सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह हत्या सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि प्रशासनिक सुस्ती और पुलिस की अनदेखी का गंभीर परिणाम मानी जा रही है।
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पहले से था जान का खतरा
मृतक वकील राजीव कुमार सिंह ने हत्या से ठीक एक दिन पहले ही मिर्जापुर की एसपी को लिखित शिकायत देकर अपनी जान को खतरा बताया था और सुरक्षा की मांग की थी। लेकिन आरोप है कि पुलिस ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।
8 महीने पहले भी हुआ था हमला
सूत्रों के मुताबिक, करीब 8 महीने पहले भी राजीव पर जानलेवा हमला हुआ था। इस मामले में केस दर्ज हुआ, लेकिन कार्रवाई कागजों तक ही सीमित रही।
आरोपी लगातार राजीव की रेकी कर रहा था, जिसकी जानकारी भी पुलिस को दी गई थी—फिर भी सुरक्षा नहीं दी गई।
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हिस्ट्रीशीटर निकला हत्यारा
हत्या का आरोप राजेन्द्र सोनकर पर है, जो एक कुख्यात हिस्ट्रीशीटर बताया जा रहा है। उसके खिलाफ पहले से हत्या समेत कई संगीन मामले दर्ज हैं। सवाल यह है कि इतना बड़ा अपराधी खुलेआम घूमता रहा और पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी रही।
पुलिस पर उठे गंभीर सवाल
• जब पीड़ित ने पहले ही खतरे की सूचना दी थी, तो सुरक्षा क्यों नहीं दी गई?
• हिस्ट्रीशीटर पर पहले से केस होने के बावजूद निगरानी क्यों नहीं थी?
• क्या पुलिस की लापरवाही ने एक जान ले ली?
जनता में आक्रोश
घटना के बाद स्थानीय लोगों और वकीलों में भारी आक्रोश है। सड़कों पर प्रदर्शन की तैयारी हो रही है और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नाराजगी साफ देखी जा रही है।
बड़ा सवाल
क्या उत्तर प्रदेश में अब शिकायत करने के बाद भी सुरक्षा नहीं मिलती?
क्या अफसर सिर्फ फाइलों में काम कर रहे हैं?
यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि अगर समय रहते कार्रवाई होती, तो शायद एक जान बचाई जा सकती थी।


