- नकली Liv–52 का भंडाफोड़: हिमालया के नाम पर बड़ा खेल, सोनीपत–मेरठ नेटवर्क उजागर
- सोनीपत में बन रही थी नकली दवा, मेरठ में तैयार हो रहे थे डिब्बे और रैपर
प्रतिष्ठित आयुर्वेदिक कंपनी हिमालया की Liv–52 टेबलेट के नाम पर नकली दवा बनाने का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। लिवर की दवा बताकर लोगों की सेहत से खिलवाड़ किया जा रहा था।
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जांच में सामने आया है कि सोनीपत में नकली Liv–52 तैयार की जा रही थी, जबकि खाली डिब्बे और रैपर मेरठ में बनवाए जा रहे थे। यानी उत्पादन से लेकर पैकिंग तक पूरा फर्जी नेटवर्क सक्रिय था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मयंक अग्रवाल, अनूप गर्ग, तुषार ठाकुर, आकाश ठाकुर और नितिन त्यागी को गिरफ्तार कर लिया है।
सूत्रों के मुताबिक, नकली दवाइयों को असली बताकर बाजार में खपाया जा रहा था, जिससे आम उपभोक्ता आसानी से ठगे जा रहे थे। यह खुलासा इसलिए भी गंभीर है क्योंकि Liv–52 जैसी दवा को लोग लिवर संबंधी समस्याओं में भरोसे के साथ लेते हैं।
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पुलिस ने फैक्ट्री और गोदामों से नकली टेबलेट, पैकिंग सामग्री और उपकरण बरामद किए हैं। मामले में आगे की जांच जारी है—यह भी खंगाला जा रहा है कि यह माल किन-किन जिलों में सप्लाई किया गया और इसमें कौन-कौन शामिल है।
सवाल बड़ा है: अगर प्रतिष्ठित ब्रांड के नाम पर भी नकली दवाइयां धड़ल्ले से बिक रही हैं, तो आम आदमी की सेहत कितनी सुरक्षित है?
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कानून की सख्ती और निगरानी ही ऐसे गोरखधंधे पर लगाम लगा सकती है।
ऐसे पहचानें असली–नकली Liv-52 टेबलेट
- दवा की पैकिंग साफ, उभरी और सही स्पेलिंग में हो
- ढक्कन के अंदर सुरक्षा सील अनिवार्य
- Batch नंबर, निर्माण व एक्सपायरी तिथि स्पष्ट लिखी हो
- टैबलेट का रंग, आकार और कोटिंग समान हो
- QR कोड/हेल्पलाइन से कंपनी से पुष्टि करें
- बहुत सस्ती कीमत पर मिलने वाली दवा से सावधान
- केवल लाइसेंस प्राप्त मेडिकल स्टोर से ही दवा खरीदें
शक होने पर दवा का सेवन न करें और ड्रग कंट्रोल विभाग को सूचना दें।




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