- 20 राज्यों ने भेजी एक्शन टेकन रिपोर्ट, 607 मामलों में गड़बड़ी उजागर
- अधिकारियों, ठेकेदारों और एजेंसियों पर FIR व गिरफ्तारियां
- बजट में संभावित कटौती के बावजूद हर घर नल से जल पर सरकार अडिग
- 2028 तक जल जीवन मिशन विस्तार को लेकर कैबिनेट फैसला बाकी
न्यूज़ डेस्क
नई दिल्ली: ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर तक नल से जल पहुंचाने की केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना जल जीवन मिशन को लेकर बड़ी और सकारात्मक खबर सामने आई है। लंबे समय से रुके हुए भुगतान (पेमेंट) को अब जारी करने का फैसला किया गया है। सूत्रों के अनुसार, देशभर में हुई जांच और ऑडिट रिपोर्ट के विश्लेषण के बाद केंद्र सरकार ने संतोष जताया है और जल्द ही कैबिनेट से इस पर मंजूरी मिल सकती है।
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जांच के बाद केंद्र सरकार संतुष्ट, कैबिनेट से मिलेगी हरी झंडी
जल जीवन मिशन में कई राज्यों से अनियमितताओं की शिकायत मिलने के बाद केंद्र सरकार ने एहतियातन भुगतान रोक दिया था। इसके बाद सेंट्रल ऑडिट ऑफिसर्स (CNO) को ट्रेनिंग देकर पूरे देश में जांच के लिए भेजा गया। अब इन रिपोर्टों और राज्यों की ओर से भेजी गई एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) के आधार पर सरकार ने माना है कि आवश्यक कार्रवाई की जा चुकी है।
प्रधानमंत्री मोदी के सख्त निर्देश: भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जल शक्ति मंत्रालय को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि जहां भी गड़बड़ी पाई जाए, वहां दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। पीएम मोदी ने यह भी कहा था कि लागत की चिंता किए बिना यह सुनिश्चित किया जाए कि हर ग्रामीण परिवार तक नल से जल पहुंचे। जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल भी साफ कह चुके हैं कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
20 राज्यों ने भेजी एक्शन टेकन रिपोर्ट
जांच पूरी होने के बाद अब तक 20 राज्यों— असम, छत्तीसगढ़, गुजरात, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, केरल, लद्दाख, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, ओडिशा, राजस्थान, त्रिपुरा, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, पंजाब और पश्चिम बंगाल— ने केंद्र सरकार को अपनी एक्शन टेकन रिपोर्ट सौंप दी है।
607 मामलों में कार्रवाई, पूर्व मंत्री तक गिरफ्तारी
जांच में कुल 607 गड़बड़ी के मामले सामने आए हैं। इन मामलों में
- 621 विभागीय अधिकारी
- 969 ठेकेदार
- 153 थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन एजेंसियों
के खिलाफ कार्रवाई की गई है। राजस्थान में इस मामले में पूर्व मंत्री महेश जोशी की गिरफ्तारी भी हो चुकी है। अब तक 20 अधिकारियों, 10 ठेकेदारों और एक TPIA के खिलाफ FIR दर्ज की गई है, जबकि एक पूर्व मंत्री सहित कई लोगों की गिरफ्तारी हुई है।
बजट में कटौती की तैयारी, लेकिन मिशन पर सरकार अडिग
सूत्रों के मुताबिक चालू वित्त वर्ष में जल जीवन मिशन के लिए आवंटित 67 हजार करोड़ रुपये में से खर्च की धीमी गति को देखते हुए करीब 60 प्रतिशत की कटौती कर इसे लगभग 17 हजार करोड़ रुपये तक लाया जा सकता है। हालांकि, सरकार का स्पष्ट कहना है कि मिशन का उद्देश्य और प्रतिबद्धता बरकरार रहेगी। मिशन को 2028 तक बढ़ाने का प्रस्ताव अभी कैबिनेट की मंजूरी के इंतजार में है।
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ग्रामीण भारत के लिए बड़ी राहत
रुके हुए भुगतान जारी होने से राज्यों में अधूरी जल परियोजनाओं को गति मिलेगी और करोड़ों ग्रामीण परिवारों को नल से जल का लाभ तेजी से मिल सकेगा। सरकार का जोर साफ है— भ्रष्टाचार पर सख्ती और जनता तक योजनाओं का पूरा लाभ।




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