- TMC के निलंबित MLA के दावे पर इक़बाल अंसारी की तीखी प्रतिक्रिया — “देश में अब कोई विवाद नहीं बचा”
विशेष संवाददाता
कोलकाता–अयोध्या।राम जन्मभूमि–बाबरी मस्जिद मुद्दा वर्षों तक देश की राजनीति और समाज का केंद्र बना रहा, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के फैसले और राम मंदिर निर्माण के बाद अब हालात पूरी तरह बदल चुके हैं। इसी पृष्ठभूमि में TMC के निलंबित विधायक हुमायूं कबीर द्वारा दिया गया हालिया बयान एक नई बहस का विषय बना। कबीर ने दावा किया कि बाबरी मस्जिद का शिलान्यास उन्होंने रखा था, जिसके बाद यह मुद्दा फिर से सुर्खियों में आ गया।
यह भी पढ़ें
पार्ट-टाइम PhD को मंजूरी — नौकरी के साथ अब संभव होगी शोध-पढ़ाई
लेकिन इस दावे को राम जन्मभूमि–बाबरी मस्जिद विवाद के पूर्व वादी इक़बाल अंसारी ने सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने साफ कहा कि अब देश में इस मुद्दे को लेकर कोई विवाद नहीं बचा है, और ऐसे बयान केवल राजनीतिक उद्देश्य से दिए जा रहे हैं।
“हम इसे राजनीति मानते हैं” — इक़बाल अंसारी
एएनआई से बातचीत में इक़बाल अंसारी ने हुमायूं कबीर के दावे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा:
“हम इसको पूरी तरह राजनीति मानते हैं। देश में राम जन्मभूमि और बाबरी मस्जिद को लेकर अब कोई विवाद नहीं बचा। सुप्रीम कोर्ट का फैसला सभी ने स्वीकार किया है और अयोध्या में भव्य राम मंदिर बन चुका है।”
यह भी पढ़ें
पार्ट-टाइम PhD को मंजूरी — नौकरी के साथ अब संभव होगी शोध-पढ़ाई
अंसारी ने कहा कि ऐसी राजनीतिक बयानबाज़ी करके एक बार फिर लोगों की भावनाओं को भड़काने की कोशिश हो रही है, जो उचित नहीं है।
“बाबर कोई मसीहा नहीं था, उसके नाम पर मस्जिद नहीं बननी चाहिए”
इक़बाल अंसारी ने बाबर के नाम पर मस्जिद निर्माण की मांग या चर्चा को भी सिरे से खारिज किया। उन्होंने स्पष्ट कहा:
“हम मानते हैं कि बाबर के नाम पर मस्जिद नहीं बननी चाहिए। बाबर कोई मसीहा नहीं था। उसने भारत में कोई सामाजिक या कल्याणकारी कार्य नहीं किया। न अस्पताल बनवाया, न स्कूल, न किसी समुदाय के लिए काम किया। ऐसे में उसके नाम पर मस्जिद बनाना उचित नहीं।”
उनका यह बयान मुस्लिम समुदाय के भीतर भी एक नई बहस को जन्म दे रहा है, क्योंकि अंसारी इस मामले में वर्षों तक मुस्लिम पक्ष के प्रमुख चेहरे रहे हैं।
यह भी पढ़ें
IND vs AUS सीरीज़ से पहले टीम इंडिया का Mission Fitness,पढ़ें पूरी खबर
राम मंदिर बनाम बाबरी मस्जिद विवाद — अब इतिहास का हिस्सा
2019 में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राम जन्मभूमि–बाबरी मस्जिद विवाद को कानूनी रूप से पूरी तरह सुलझा दिया गया। कोर्ट ने विवादित भूमि राम मंदिर निर्माण के लिए दे दी और मस्जिद निर्माण के लिए अलग जमीन देने का आदेश दिया। इसी आधार पर:
- अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण पूरा होने की कगार पर है और प्राण-प्रतिष्ठा हो चुकी है।
- दूसरी ओर, धनुषकोटि में नई मस्जिद का निर्माण इंडो-इस्लामिक कल्चरल फ़ाउंडेशन द्वारा किया जा रहा है।
अंसारी का बयान ऐसे समय आया है जब देश में मंदिर-मस्जिद को लेकर राजनीतिक बयानबाज़ी कई मुद्दों पर बढ़ रही है।
हुमायूं कबीर पर TMC की कार्रवाई
हुमायूं कबीर को पहले ही पार्टी विरोधी गतिविधियों और विवादित बयानों के चलते TMC निलंबित कर चुकी है।
अब उनका “बाबरी मस्जिद शिलान्यास” वाला बयान पार्टी के लिए और असहज स्थिति पैदा कर रहा है। माना जा रहा है कि पार्टी इस बयान से खुद को दूर रखने की कोशिश कर रही है।
यह भी पढ़ें
अंसारी की अपील —“शांति बनाए रखें, आगे बढ़ें”
इक़बाल अंसारी ने समाज के सभी वर्गों से अपील की कि मंदिर–मस्जिद जैसे ऐतिहासिक मुद्दों को छोड़कर देश के विकास और सद्भाव की ओर बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा:“आज देश को एकता और शांति की ज़रूरत है, न कि पुराने विवादों को हवा देने की।”




Total Users : 107914
Total views : 131099