- गाजियाबाद में इंटरस्टेट गिरोह पकड़ा गया, करोड़ों की दवाओं का अवैध धंधा बेनकाब
- इंटरस्टेट गिरोह का पर्दाफाश, तीन आरोपी गिरफ्तार
- महंगी कैंसर दवाओं की अवैध सप्लाई में बड़ा खुलासा
- कोल्ड चेन मेंटेनेंस की धज्जियां, मरीजों की जान से खिलवाड़
- ‘NOT FOR SALE’ दवाओं के रैपर बदलकर बेचते थे आरोपी
- मुंबई की कई फर्मों को होती थी सप्लाई, फर्जी बिल भी बनते थे
गाजियाबाद: कैंसर मरीजों की जान जोखिम में डालकर महंगी दवाइयों की कालाबाजारी करने वाले इंटरस्टेट गिरोह का बड़ा खुलासा हुआ है। स्वाट टीम, क्राइम ब्रांच और औषधि विभाग की संयुक्त कार्रवाई में गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। इनके कब्जे से करीब 9 लाख रुपये नकद, बड़ी मात्रा में एंटी-कैंसर दवाएं और एक XUV 700 वाहन बरामद किया गया है।
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गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विश्वास त्यागी, आकाश शर्मा और प्रिंस त्यागी के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार ये लोग बिना लाइसेंस और बिना बिल के करोड़ों की दवाओं की अवैध सप्लाई कर रहे थे।
दवाओं की सप्लाई में भारी लापरवाही — मरीजों की जान को जोखिम
एडीसीपी क्राइम पीयूष सिंह ने बताया कि जांच में सामने आया है कि गिरोह जिन दवाओं की सप्लाई करता था, उनमें से कई कोल्ड चेन मेंटेनेंस (2–8°C) वाली थीं।
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लेकिन आरोपी इन्हें साधारण बैग और गत्ते के कार्टन में भरकर बेचते थे। इससे दवाओं की गुणवत्ता नष्ट होने का खतरा रहता है और यह मरीजों के लिए घातक साबित हो सकती थी।
बरामद दवाओं में शामिल हैं—
• KEYTRUDA
• ENHERTU
• GEFTIB
• BILYPSA
• CACIT 500mg
• ZOLASTA
• NOVOTEX
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इनमें से KEYTRUDA का एक वायल, जिसकी असली कीमत ₹2,16,500 है, वह भी बिना बिल के पाया गया।
“NOT FOR SALE” दवाओं का रैपर बदलकर बेचते थे
पूछताछ में बड़ा खुलासा हुआ—
आरोपी CGHS सप्लाई वाली दवाओं पर लगे “NOT FOR SALE” मार्क मिटवाकर उन्हें महंगे दामों पर बाजार में बेच देते थे।
यह काम दिल्ली के रोहिणी स्थित रघुनंदन मेडिकल स्टोर की मदद से किया जाता था। थोड़े पैसों में दुकान वाले दवाओं के रैपर बदल देते थे।
मुख्य आरोपी विश्वास त्यागी ने बताया कि वह मुंबई की कई बड़ी फर्मों
• थ्राइव फार्मा
• यतनेश फार्मा
• ब्रदर्स फार्मा
को दवाएं सप्लाई करता था और फर्जी बिल भी बनवाता था।
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पुराने अपराधों का इतिहास
औषधि निरीक्षक के अनुसार विश्वास त्यागी का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है।
• 2023 में गाजियाबाद स्थित उसके मेडिकल स्टोर पर नकली दवाओं का भंडारण पकड़ा गया था।
• महाराष्ट्र में 2023 में इन्हीं नकली दवाओं के सेवन से एक व्यक्ति की मौत भी हुई थी।
इस कड़ी कार्रवाई की निगरानी लखनऊ के नारकोटिक्स विभाग द्वारा भी की जा रही थी।
बरामद दवाएं
• KEYTRUDA – 01 वायल
• ENHERTU – 04 पैक
• GEFTIB – 10 पैक
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पुलिस अब किस दिशा में बढ़ रही है?
पुलिस रैकेट की जड़ों तक पहुंचने के लिए विस्तृत जांच कर रही है।
• दिल्ली, महाराष्ट्र और मुंबई की सप्लाई चेन की जांच
• रैपर बदलने में शामिल मेडिकल स्टोर्स पर कार्रवाई
• फर्जी बिल बनाने वाले नेटवर्क की तलाश
• मरीजों तक पहुंची खराब दवाओं के मामलों का अध्ययन
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यह पूरा मामला दिखाता है कि किस तरह महंगी और जीवनरक्षक कैंसर दवाओं की अवैध बिक्री के नाम पर लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ किया जा रहा था। पुलिस की यह कार्रवाई कई मरीजों की जान बचाने वाली साबित हो सकती है।




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