- आर्टिलरी और ड्रोन की संयुक्त फायरिंग से गूंजा इलाका
- थियेटर-स्तरीय इंटीग्रेटेड फायरिंग ऑपरेशन में शामिल रही तोपें, स्वॉर्म ड्रोन और कमांडो दल
विशेष संवाददाता
लेह-लद्दाख:
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चीन सीमा से सटे लद्दाख क्षेत्र में भारतीय सेना के Northern Command ने एक बार फिर अपनी जबरदस्त ताकत और तैयारी का प्रदर्शन किया है। “अस्त्र शक्ति” नामक इस बड़े युद्धाभ्यास में सेना ने थियेटर-स्तरीय इंटीग्रेटेड फायरिंग ऑपरेशन को अंजाम देते हुए दुश्मन पर पलटवार की हर संभावित रणनीति का अभ्यास किया।
इस ऑपरेशन में आर्टिलरी गन, स्वॉर्म ड्रोन, काउंटर-UAS सिस्टम, एयर डिफेंस हथियार, टैंक, और विशेष बलों (कमांडो ऑप्स) की संयुक्त शक्ति का प्रदर्शन किया गया। बर्फीली पहाड़ियों और दुर्गम इलाकों के बीच इस अभ्यास के दौरान तोपों की गड़गड़ाहट से लेह-लद्दाख की घाटियां गूंज उठीं।
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मुख्य आकर्षण:
- अत्याधुनिक स्वॉर्म ड्रोन सिस्टम से लक्ष्य पर सटीक हमले का प्रदर्शन।
- दुश्मन के ड्रोन हमलों को रोकने के लिए काउंटर-UAS (Unmanned Aerial System) तकनीक का इस्तेमाल।
- कमांडो दलों द्वारा उच्च ऊंचाई वाले इलाकों में सर्च एंड डिस्ट्रॉय ऑपरेशन का अभ्यास।
- रियल-टाइम कोऑर्डिनेशन के लिए नेटवर्क-सेंट्रिक वारफेयर सिस्टम का उपयोग।
सेना के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, यह अभ्यास न केवल भारतीय सेना की तैयारी को दर्शाता है, बल्कि किसी भी चुनौती का सामना करने की उसकी क्षमता को भी मजबूत करता है। सेना का कहना है कि अस्त्र शक्ति 2025 का मकसद “समानांतर मोर्चों पर मल्टी-डोमेन वारफेयर” की क्षमता का परीक्षण करना था।
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सेना का बयान:
Northern Command की ओर से जारी बयान में कहा गया —
“भारतीय सेना हर परिस्थिति में देश की सीमाओं की रक्षा के लिए तैयार है। यह अभ्यास हमारी सामरिक क्षमता, तालमेल और आधुनिक युद्ध प्रणाली में निपुणता को दर्शाता है।”
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पृष्ठभूमि:
पिछले कुछ वर्षों से चीन की सीमा पर बढ़ते तनाव को देखते हुए सेना लगातार अपनी ऑपरेशनल तैयारियों को उन्नत कर रही है। इस अभ्यास ने स्पष्ट कर दिया कि भारतीय सेना सिर्फ रक्षात्मक नहीं, बल्कि जवाबी कार्रवाई के लिए भी पूरी तरह तैयार है।



