- शिक्षामित्रों के मानदेय पर इलाहाबाद हाईकोर्ट में अहम सुनवाई, सरकार को जल्द फैसला लेने के निर्देश
- हाईकोर्ट का बड़ा आदेश!
- शिक्षामित्रों के मानदेय पर जल्द फैसला ले सरकार!
- 21 अक्टूबर की रिपोर्ट पर कार्रवाई के निर्देश!
प्रयागराज।
इलाहाबाद हाईकोर्ट में उत्तर प्रदेश के शिक्षामित्रों के मानदेय बढ़ाने से जुड़ी याचिका पर मंगलवार को महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। अदालत ने राज्य सरकार को इस मामले पर शीघ्र निर्णय लेने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा कि सरकार समिति की रिपोर्ट पर विचार कर उचित कार्रवाई जल्द से जल्द सुनिश्चित करे।
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क्या कहा हाईकोर्ट ने
कोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा कि जब समिति ने शिक्षामित्रों के मानदेय वृद्धि पर विचार कर रिपोर्ट सौंप दी है, तो अब तक उस पर निर्णय क्यों नहीं लिया गया। न्यायालय ने कहा कि लंबे समय से शिक्षामित्र अपने मानदेय बढ़ाने की मांग कर रहे हैं, ऐसे में सरकार को इस पर ठोस कदम उठाना चाहिए।
समिति की बैठक और रिपोर्ट
जानकारी के अनुसार, 21 अक्टूबर 2025 को बेसिक शिक्षा विभाग की उच्च स्तरीय समिति की बैठक हुई थी, जिसमें शिक्षामित्रों के मानदेय बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा की गई थी। बैठक के बाद समिति ने अपनी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी, ताकि सरकार इस पर अंतिम निर्णय ले सके।
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अदालत में क्या हुआ
यह सुनवाई शिक्षामित्र विवेकानंद द्वारा दाखिल की गई अवमानना याचिका पर हुई। याचिकाकर्ता का कहना था कि पूर्व आदेशों के बावजूद सरकार ने शिक्षामित्रों के मानदेय वृद्धि को लेकर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया, जिससे शिक्षामित्रों में असंतोष है।
इस पर अपर मुख्य सचिव (बेसिक शिक्षा) ने अदालत में हलफनामा दाखिल किया, जिसमें कहा गया कि मामला विचाराधीन है और समिति की रिपोर्ट पर निर्णय जल्द लिया जाएगा।
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शिक्षामित्रों की मांग
प्रदेशभर के शिक्षामित्र लंबे समय से मानदेय में बढ़ोतरी की मांग कर रहे हैं। वर्तमान में उनका मानदेय सीमित होने के कारण जीवनयापन कठिन बताया जा रहा है। शिक्षामित्र संगठन लगातार सरकार से इसे कम से कम 20,000 रुपये मासिक तक बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।
आगे की प्रक्रिया
हाईकोर्ट ने अब सरकार को स्पष्ट रूप से निर्देश दिया है कि वह समिति की रिपोर्ट पर जल्द निर्णय लेकर न्यायालय को अवगत कराए। अगले हफ्ते इस मामले पर फिर से सुनवाई हो सकती है, जिसमें सरकार की ओर से स्थिति स्पष्ट की निष्कर्ष:
हाईकोर्ट की इस सख्ती के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि राज्य सरकार शिक्षामित्रों के मानदेय वृद्धि को लेकर जल्द कोई बड़ा फैसला ले सकती है। शिक्षामित्र वर्ग ने अदालत के रुख का स्वागत किया है और इसे अपनी लड़ाई की बड़ी जीत बताया है।




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