- अस्पताल में सफाई की कमी, दवा वितरण में अनियमितता, और स्टाफ की अनुपस्थिति पर भी जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई।
- उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र में नियमित जांच, मरीजों के लिए पर्याप्त दवा, और डॉक्टरों व फार्मासिस्ट की ड्यूटी का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
न्यूज़ डेस्क
वाराणसी। जिलाधिकारी सत्येन्द्र कुमार ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, पिंडरा में औचक निरीक्षण के दौरान मरीजों को बाहर से दवा लिखे जाने की जानकारी मिलने पर कड़ा रुख अपनाया। इसके तहत उन्होंने प्रदीप कुमार, डॉ. अरविंद और फार्मासिस्ट अभिमन्यु को निलंबित कर दिया।
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निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पाया कि कई मरीजों को केंद्र की उपलब्ध दवाओं के बजाय बाहर की दवाइयाँ लिखी जा रही थीं। उन्होंने संबंधित चिकित्सकों और फार्मासिस्ट से जवाब तलब किया, लेकिन संतोषजनक स्पष्टीकरण न मिलने पर तुरंत कार्रवाई की गई।
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जिलाधिकारी का निर्देश:
- चिकित्सकों को स्पष्ट रूप से निर्देश दिया गया कि अस्पताल में उपलब्ध दवा ही लिखें, या मरीजों को वैकल्पिक दवा के विकल्प बताएं।
- अस्पताल में सफाई की कमी, दवा वितरण में अनियमितता, और स्टाफ की अनुपस्थिति पर भी जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई।
- उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र में नियमित जांच, मरीजों के लिए पर्याप्त दवा, और डॉक्टरों व फार्मासिस्ट की ड्यूटी का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उदाहरण:
निरीक्षण के दौरान सामने आया कि एक मरीज को सर्दी और जुकाम की दवा बाहर से लिखी गई थी, जबकि वही दवा केंद्र में उपलब्ध थी। इसी प्रकार, टीकाकरण और नियमित जांच के लिए आए बच्चों के माता-पिता ने भी शिकायत की कि उन्हें दवा लेने के लिए बार-बार केंद्र से बाहर जाना पड़ा।
जिलाधिकारी ने कहा, “हमारे स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों को बाहर से दवा लेने के लिए बाध्य नहीं होना चाहिए। यदि दवा उपलब्ध नहीं है, तो वैकल्पिक दवा या निःशुल्क विकल्प सुझाया जाना चाहिए।”
इस कार्रवाई के बाद केंद्र में स्टाफ और प्रशासनिक व्यवस्था को सुधारने के लिए विशेष निगरानी टीम भी तैनात की जाएगी।




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