वाहनों की पंजीयन वैधता अब 20 वर्ष — यूपी के लाखों वाहन स्वामियों को मिली राहत

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  • लखनऊ, कानपुर, वाराणसी समेत कई जिलों में पुराने वाहनों के मालिक होंगे लाभान्वित; सरकार ने शुल्क भी तय किए।

लखनऊ, 22 सितम्बर 2025

भारत सरकार ने वाहन स्वामियों को बड़ी राहत देते हुए वाहनों की पंजीयन वैधता 15 साल से बढ़ाकर 20 साल कर दी है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने 20 अगस्त 2025 को अधिसूचना जारी कर कहा कि अब वाहन मालिक 20 वर्ष तक अपने वाहन का पंजीकरण वैध रख सकते हैं।

 

इसके बाद यदि वाहन 20 वर्ष से अधिक पुराना है, तो उसके पंजीयन नवीनीकरण के लिए नए शुल्क तय किए गए हैं। इनमें मोटरसाइकिल के लिए ₹2,000, तिपहिया/क्वाड्रिसाइकिल के लिए ₹5,000, हल्के मोटर वाहन (LMV) के लिए ₹10,000, आयातित मोटरसाइकिल के लिए ₹20,000 और आयातित चारपहिया वाहन के लिए ₹80,000 तक शुल्क देना होगा।

यूपी में असर — लाखों वाहन स्वामियों को लाभ

उत्तर प्रदेश देश का वह राज्य है जहां सबसे अधिक पुराने वाहन चल रहे हैं।

• पूरे प्रदेश में करीब 50 लाख वाहन ऐसे हैं जिन पर नया नियम लागू होगा।

• इनमें से लगभग 19.20 लाख निजी वाहन 20 वर्ष से अधिक पुराने हैं।

• वाणिज्यिक वाहन भी करीब 2.35 लाख इस श्रेणी में आते हैं।

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जिलेवार स्थिति:

• लखनऊ: लगभग 3.23 लाख पुराने वाहन (20 वर्ष से अधिक)

• कानपुर: लगभग 1.87 लाख

• वाराणसी: लगभग 1.32 लाख

• प्रयागराज, गाज़ियाबाद और अलीगढ़ जैसे बड़े जिलों में भी ऐसे वाहनों की संख्या लाखों में है।

 

इन जिलों में रहने वाले वाहन मालिक अब 15 साल पर मजबूरी में वाहन स्क्रैप करने या बेचने के बजाय अतिरिक्त 5 साल तक वाहन रख सकेंगे।

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जनता की राय

वाहन मालिकों का कहना है कि यह फैसला दिवाली से पहले सरकार की ओर से एक बड़ा तोहफ़ा है। कई परिवारों के लिए यह आर्थिक बोझ कम करेगा क्योंकि अब उन्हें तुरंत नया वाहन खरीदने की ज़रूरत नहीं होगी। हालांकि, बढ़े हुए शुल्क गरीब और मध्यमवर्गीय लोगों के लिए चुनौती भी हो सकते हैं।

निष्कर्ष

सरकार का यह कदम न केवल वाहन स्वामियों को राहत देगा बल्कि पंजीयन प्रक्रिया को और अधिक व्यवस्थित भी करेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि विभाग इस दौरान प्रदूषण नियंत्रण और फिटनेस मानकों की कड़ी निगरानी भी करे, तो यह फैसला संतुलित और जनहितकारी साबित होगा।

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