कोरोना की आड़ में शिक्षण संस्थानों को बंद रखना दुर्भाग्यपूर्ण: अरविंद श्रीवास्तव


रायबरेली। कोरोना की दुहाई देकर उत्तर प्रदेश में बंद किए गए शिक्षण संस्थानों से चिंतित विद्यालय संगठन एवं शिक्षक गणों ने फिर से आवाज़ बुलंद करने का निर्णय लिया। मंगलवार को समस्त निजी विद्यालयों के प्रबंधक एवं शिक्षक गण जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। रायबरेली स्कूल्स मैनेजर एसोसिएशन की ओर से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम संबोधित ज्ञापन पत्र जिलाधिकारी, रायबरेली को सौंपा। ज्ञापन देने के बाद एसोसिएशन के अध्यक्ष गौरव सिंह ने कहा प्रदेश में आम चुनाव हो रहे हैं, बाजार खुले हैं, मांगलिक कार्यक्रम पूरी तरह से सम्पन्न हो रहे हैं, किंतु केवल शिक्षा को बंद किया गया है जो दुर्भाग्यपूर्ण हैं। एसोसिएशन के मुख्य संरक्षक अरविंद श्रीवास्तव, एडवोकेट ने कहा कि डब्ल्यूएचओ द्वारा भी 12 वर्ष से कम आयु के बच्चों में कोरोना के प्रभाव को जहां कम बताया है, वहीं बच्चों में मास्क को भी गैरजरूरी बताया है, ऐसे में भौतिक उपस्थिति के साथ कोरोना गाइडलाइंस के तहत शिक्षा को फिर से सुचारू रूप से चलाया जाना चाहिए।

 महामंत्री प्रभात सिंह और ज़ाकिर खान ने कहा कि विगत डेढ़ वर्षो से भी अधिक समय से बच्चों की शिक्षा बुरी तरह से प्रभावित हो रही है, ऑनलाइन शिक्षा केवल शहर के कुछ विद्यालयों में तो संचालित हो रही है जबकि 80% विद्यालयों और क्षेत्रों में ऑनलाइन शिक्षा विधिवत रूप से नहीं हो पा रही है, शिक्षा के को इस तरह से बाधित रखने से भविष्य में देश के विकास पर भी बुरा प्रभाव पड़ेगा। प्रबंधक सूरज शुक्ला ने कहा की हरियाणा और महाराष्ट्र जैसे अधिक जनसंख्या वाले प्रदेशों में भी विद्यालय खोले जा चुके हैं। इस अवसर पर संरक्षक आलोक श्रीवास्तव, एडवोकेट, प्रभात चौधरी, संजय जायसवाल, पवन श्रीवास्तव, एन. आर. साहू, फिरोज़ ख़ान, आमोद श्रीवास्तव सहित अनेकों प्रबंधक व शिक्षक उपस्थित रहे।

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