- राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने आंदोलन के सफल संचालन के लिए समिति को दिए पूर्ण अधिकार
हेमंत उपाध्याय
लखनऊ। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद, उत्तर प्रदेश ने अपने संविधान में प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए 20 जनवरी 2026 को प्रस्तावित विधानसभा पर धरना-प्रदर्शन कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए संघर्ष समिति का गठन कर दिया है। परिषद द्वारा जारी कार्यालय ज्ञापन में इसकी औपचारिक घोषणा की गई।
संघर्ष समिति में ये पदाधिकारी शामिल
संघर्ष समिति के अध्यक्ष पद पर श्री त्रिलोकी नाथ चौरसिया को नामित किया गया है। समिति में श्री नारायण जी दुबे, श्री निरंजन कुमार श्रीवास्तव, श्री जसवंत सिंह तथा श्रीमती कुसुम लता यादव सदस्य के रूप में कार्य करेंगे।
समिति को मिले पूर्ण अधिकार
परिषद ने स्पष्ट किया है कि आंदोलन से संबंधित सभी निर्णय लेने का अधिकार संघर्ष समिति के पास होगा। समिति के समस्त पत्राचार पर केवल संघर्ष समिति अध्यक्ष के हस्ताक्षर मान्य होंगे। समिति का निर्णय अंतिम एवं बाध्यकारी होगा और उसके निर्णय व सुझाव राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की केंद्रीय कार्यकारिणी के प्रति उत्तरदायी रहेंगे।
रायबरेली पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल: कानून-व्यवस्था को सुधारने के लिए 5 थानों के प्रभारी बदले
अगले आदेश तक कार्यरत रहेगी समिति
संघर्ष समिति संयुक्त परिषद के अगले निर्णय तक कार्य करती रहेगी। इस संबंध में जारी ज्ञापन पर परिषद अध्यक्ष जे. एन. तिवारी के हस्ताक्षर हैं।
प्रशासन व संगठनों को भेजी गई प्रतिलिपि
ज्ञापन की प्रतिलिपि सूचना एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश, प्रमुख सचिव कार्मिक, समस्त अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव, मंडल आयुक्तों, जिलाधिकारियों, पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ सहित संबंधित विभागों, परिषद के पदाधिकारियों, संबद्ध संगठनों तथा प्रेस व मीडिया को भेजी गई है।
व्हाट्सएप व अन्य मैसेंजर ऐप के जरिए ठगी का नया जाल, APK फाइल से खाली हो रहा बैंक खाता
महामंत्री अरुणा शुक्ला ने बताया कि परिषद कर्मचारियों की मांगों को लेकर लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करेगी और 20 जनवरी को प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन में प्रदेशभर के कर्मचारी बड़ी संख्या में शामिल होंगे।




Total Users : 107922
Total views : 131112