- हरियाणा में कानून व्यवस्था पर बड़ा सवाल – दो हफ्तों में दूसरा पुलिस आत्महत्या मामला
- सुसाइड नोट में आईपीएस पूरन कुमार पर लगाए गंभीर आरोप
- अंदरूनी दबाव, भेदभाव और भ्रष्टाचार बन रहे आत्महत्या की जड़?
रोहतक, हरियाणा।
हरियाणा पुलिस के सिस्टम पर एक बार फिर गंभीर सवाल उठे हैं। रोहतक में साइबर सेल में तैनात एएसआई ने बुधवार देर रात आत्महत्या कर ली। मरने से पहले उन्होंने कथित तौर पर आईपीएस अधिकारी पूरन कुमार पर गंभीर आरोप लगाए हैं — वही आईपीएस अधिकारी जिन्होंने कुछ दिन पहले खुद आत्महत्या कर ली थी।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, एएसआई ने अपने सुसाइड नोट में लिखा है कि
“विभाग के भीतर भ्रष्टाचार, दबाव और अपमान ने जीने नहीं दिया।” बताया जा रहा है कि एएसआई और आईपीएस पूरन कुमार के बीच हाल के महीनों में कई बार कार्य संबंधी मतभेद हुए थे।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। एएसआई के शव को पोस्टमार्टम के लिए पीजीआई रोहतक भेजा गया है। फिलहाल फोरेंसिक टीम ने कमरे को सील कर जांच शुरू कर दी है।
दो हफ्तों में दूसरा बड़ा मामला
यह घटना तब हुई है जब कुछ ही दिन पहले हरियाणा कैडर के आईपीएस अधिकारी पूरन कुमार ने भी अपने सरकारी आवास में आत्महत्या की थी। उस मामले में भी पुलिस विभाग के अंदरूनी दबाव, जातिगत भेदभाव और प्रशासनिक तनाव को जिम्मेदार ठहराया जा रहा था।
पुलिस विभाग पर बढ़ता दबाव
लगातार हो रही आत्महत्याओं से हरियाणा पुलिस विभाग में हड़कंप है। विपक्षी दलों ने सवाल उठाया है कि क्या हरियाणा पुलिस का पूरी तरह “सिस्टम कॉलैप्स” हो गया है?
पूर्व डीजीपी स्तर के अधिकारियों ने भी कहा है कि यह “सिर्फ व्यक्तिगत तनाव नहीं, बल्कि सिस्टम की गंभीर विफलता” का संकेत है।
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जांच के आदेश
डीजीपी कार्यालय ने इस पूरे मामले की एसआईटी जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। फिलहाल आत्महत्या के पीछे के कारणों की गहराई से जांच जारी है।
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