
- मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा का बड़ा कदम, निष्क्रिय दलों की मान्यता समाप्त
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने प्रदेश के 121 पंजीकृत राजनीतिक दलों को सूची से हटा दिया है।
इन दलों ने वर्ष 2019 से लेकर अब तक न तो विधानसभा और न ही लोकसभा चुनाव लड़ा। इतना ही नहीं, नगर निगम या जिला पंचायत जैसे स्थानीय चुनावों में भी इनकी कोई सक्रियता दर्ज नहीं हुई।
निष्क्रिय दलों पर कार्रवाई
चुनाव आयोग के आदेश के बाद इन सभी दलों को अब मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल का दर्जा हासिल नहीं रहेगा। आयोग ने यह कदम चुनाव व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने और निष्क्रिय दलों के माध्यम से होने वाले दुरुपयोग पर रोक लगाने के उद्देश्य से उठाया है।
सूत्रों के अनुसार, इन छोटे-छोटे दलों का काम असल राजनीति करना नहीं, बल्कि चंदा वसूली, काले धन को सफेद बनाने और गांव-मोहल्लों में भौकाल दिखाने तक सीमित था। ऐसे दल वर्षों तक केवल नाम भर के लिए पंजीकृत बने रहे।30 दिन में कर सकते हैं अपील
सीईओ नवदीप रिणवा ने कहा है कि जिन दलों की मान्यता रद्द की गई है, वे आदेश की तिथि से 30 दिनों के भीतर चुनाव आयोग, नई दिल्ली के समक्ष अपील कर सकते हैं। फिलहाल इन दलों को चुनाव चिन्ह, आयकर अधिनियम और पंजीकृत दलों को मिलने वाले अन्य लाभों का हक नहीं रहेगा।
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क्या असर होगा?
•इन दलों के नाम अब रजिस्टर्ड राजनीतिक दलों की सूची से हटा दिए जाएंगे।
•आगे चुनावों में उम्मीदवार उतारने के लिए इन्हें नए सिरे से पंजीकरण कराना होगा।
•कार्रवाई के बाद अब केवल सक्रिय और गंभीर राजनीतिक दल ही मान्यता प्राप्त सूची में बने रहेंगे
Author: nationstationnews
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