- ऐसी एक नहीं, कई वीडियो थीं, जिनके चलते इंस्पेक्टर भारी मानसिक दबाव में थे
- ब्लैकमेलिंग और आत्महत्या के लिए उकसाने की धाराओं में केस मजबूत किया जा रहा है
रमेश सिंह
जालौन। जिले में तैनात रहे इंस्पेक्टर अरुण राय की आत्महत्या के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। थाना उरई से संबद्ध कांस्टेबल मीनाक्षी शर्मा को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। उस पर इंस्पेक्टर को कथित रूप से ब्लैकमेल करने, अवैध संबंधों का दबाव बनाने और उनसे मोटी रकम वसूलने की कोशिश के आरोप लगे हैं।
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अवैध संबंध और वीडियो के जरिये दबाव
जांच में सामने आया है कि इंस्पेक्टर अरुण राय और कांस्टेबल मीनाक्षी के बीच नजदीकियां थीं। आरोप है कि मीनाक्षी ने इंस्पेक्टर की अंतरंग वीडियो रिकॉर्ड कर ली थीं और उन्हीं वीडियो के आधार पर वह लगातार उनसे पैसे की मांग कर रही थी।
सूत्रों के अनुसार, ऐसी एक नहीं, कई वीडियो थीं, जिनके चलते इंस्पेक्टर भारी मानसिक दबाव में थे।
शादी से पहले 25 लाख की मांग का आरोप
सूत्र बताते हैं कि मीनाक्षी शर्मा की जल्द ही शादी होने वाली थी। इस बीच उसने कथित रूप से इंस्पेक्टर से 25 लाख रुपए की मांग की। यस दबाव और ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर इंस्पेक्टर अरुण राय ने आत्महत्या कर ली।
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इंस्पेक्टर के परिजनों ने भी पुलिस को दिए बयान में कहा कि अरुण राय कई दिनों से मानसिक तनाव में थे और बार-बार पैसों की मांग की बात बता रहे थे।
पहले भी विवादों में रही है कांस्टेबल मीनाक्षी
जांच में यह भी सामने आया कि कांस्टेबल मीनाक्षी इससे पहले पीलीभीत जिले में भी एक सिपाही के खिलाफ रेप केस दर्ज करवाकर उसे जेल भेज चुकी है। उस केस में भी कथित रूप से पैसों की मांग का आरोप सामने आया था।
पुलिस विभाग के कुछ सूत्रों ने दावा किया है कि मीनाक्षी के जाल में कई पुलिसकर्मी पहले भी फंस चुके हैं, लेकिन अधिकतर मामले दबाव या शर्मिंदगी की वजह से सामने नहीं आ पाए।
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पुलिस ने की कार्रवाई, जेल भेजा गया
जालौन पुलिस ने जांच के बाद मीनाक्षी शर्मा को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि:
- मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच कराई जा रही है
- वीडियो, चैट और कॉल रिकॉर्डिंग को सबूत के तौर पर सील किया गया है
परिजनों का न्याय की मांग
इंस्पेक्टर अरुण राय के परिवार ने कहा कि अरुण एक ईमानदार अधिकारी थे और विभाग को उनकी मानसिक स्थिति पर ध्यान देना चाहिए था। परिजनों ने मीनाक्षी पर सख्त कार्रवाई और मामले की उच्च-स्तरीय जांच की मांग की है।
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विभाग के लिए गंभीर सवाल
यह मामला यूपी पुलिस के भीतर
- शोषण,
- ब्लैकमेलिंग,
- आंतरिक अनुशासन,
- और कर्मचारियों की मानसिक सेहत
जैसे मुद्दों पर बड़े सवाल उठाता है। विभाग ने संकेत दिया है कि जल्द ही आंतरिक जांच और ऐसे मामलों पर सख्त नीति लागू की जा सकती है।




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