- देव दीपावली पर लंदन-दुबई से भी महंगी काशी
- प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में “श्रद्धा पर महंगाई की लूट” जारी!
- “काशी में आस्था नहीं, अब जेब की परीक्षा — देव दीपावली पर लंदन-दुबई से महंगे होटल!”
- “मोदी के संसदीय क्षेत्र में श्रद्धा पर महंगाई की मार — वाराणसी में होटल ₹1.5 लाख और नाव ₹3 लाख तक”
- “देव दीपावली बनी कमाई का पर्व — गंगा किनारे की लक्ज़री रूम्स ने तोड़े सारे रिकॉर्ड”
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वाराणसी।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र काशी में इस साल देव दीपावली के मौके पर होटल और नावों के दाम आसमान छू गए हैं। हालत यह है कि गंगा किनारे स्थित कई लक्ज़री होटलों के कमरे लंदन, दुबई और अमेरिका के फाइव स्टार होटलों से भी महंगे बिक रहे हैं।
ऑनलाइन बुकिंग साइटों के अनुसार, देव दीपावली (5 नवंबर) की रात के लिए घाटों के आसपास बने होटलों में किराया ₹30 हज़ार से ₹1.50 लाख प्रति रात तक पहुंच गया है। गंगा घाट से कुछ दूरी पर स्थित नदेसर क्षेत्र के एक फाइव-स्टार होटल में कमरे की बुकिंग ₹1.45 लाख में चल रही है। वहीं छावनी क्षेत्र के होटलों में किराया ₹70 हज़ार से अधिक और पांडेयपुर में ₹35-55 हज़ार के बीच है।
इसके मुकाबले दुबई या लंदन के फाइव स्टार होटल 20-45 हज़ार में आसानी से मिल रहे हैं।
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विदेशी सैलानियों से खचाखच शहर
देव दीपावली देखने के लिए इस बार काशी में 10 लाख से अधिक पर्यटक पहुंचने की उम्मीद है। इटली, जर्मनी, जापान, ब्रिटेन, अमेरिका और दुबई से आए विदेशी मेहमानों ने एक माह पहले ही अपने कमरे बुक करा लिए थे। इसी वजह से होटल-दरें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गईं।
वाराणसी होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष गोकुल शर्मा ने कहा —
“देव दीपावली होटल इंडस्ट्री के लिए बूस्टर डोज़ बन चुकी है। विदेशी और देशी पर्यटक महीनों पहले ही बुकिंग कर लेते हैं। इस बार 80 फीसदी कमरे पहले से बुक हैं।”
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नावों की बुकिंग में भी रिकॉर्ड तोड़ महंगाई
देव दीपावली की रात गंगा आरती और घाटों की रोशनी देखने के लिए नावों की मांग जबरदस्त है।
इस बार 10 हज़ार रुपये से कम किराए में कोई नाव उपलब्ध नहीं, जबकि डबल-डेकर और बजड़ा नावों की बुकिंग ₹50 हज़ार से लेकर ₹3 लाख तक पहुंच चुकी है।
कई नाविक “तत्काल बुकिंग” पर भी ₹8 हज़ार प्रति व्यक्ति तक वसूल रहे हैं।
बुकिंग चार्ज में नाश्ता, म्यूज़िकल नाइट और गंगा आरती का दृश्य दिखाने की सुविधा भी शामिल है।
अलकनंदा, विवेकानंद और भागीरथी क्रूज़ की सारी बुकिंग पहले ही फुल हो चुकी है — इनकी प्रति व्यक्ति दर ₹15 हज़ार तक पहुंची है।
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देव दीपावली बनी ‘कमाई का पर्व’
काशी के घाटों पर इस बार करीब 25 लाख दीप जलेंगे, लेकिन इस आस्था के उत्सव के बीच श्रद्धालु महंगाई की मार झेल रहे हैं।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि —
“प्रधानमंत्री का संसदीय क्षेत्र होने के बावजूद होटल-मालिक और नाविक खुलेआम मनमाने रेट वसूल रहे हैं। प्रशासन को चाहिए कि रेट लिस्ट तय करे, ताकि श्रद्धालु और पर्यटक ठगे न जाएं।”
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प्रशासन की भूमिका पर सवाल
वाराणसी में नगर प्रशासन ने होटल व नाव दरों की निगरानी के लिए अब तक कोई स्पष्ट व्यवस्था नहीं की है।
पर्यटकों और स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि यदि रेट कंट्रोल की कोई नीति नहीं बनी, तो आने वाले वर्षों में यह “आस्था नहीं, बल्कि खर्च का त्योहार” बनकर रह जाएगा।




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