- साफ पानी न मिलने से मौतों के आरोप, विपक्ष ने सरकार से मांगी जवाबदेही
विपिन उपाध्याय
इंदौर | भागीरथपुरा
इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में कथित तौर पर दूषित पेयजल आपूर्ति से हुई मौतों के आरोपों के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भागीरथपुरा पहुंचकर प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और राज्य सरकार तथा नगर प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े किए।
राहुल गांधी ने कहा,
“विपक्ष का नेता होने के नाते मैं यहां आया हूं, क्योंकि यहां लोगों को साफ़ पानी नहीं मिल रहा है। लोगों की मौत हुई है। अगर मेरा इनके साथ खड़ा होना आपको राजनीति लगता है तो मुझे फर्क नहीं पड़ता।”
उन्होंने कहा कि स्वच्छ पेयजल हर नागरिक का मौलिक अधिकार है और इसमें लापरवाही सीधे तौर पर जनजीवन से खिलवाड़ है।
भागीरथपुरा में गहराया पेयजल संकट
स्थानीय निवासियों का कहना है कि लंबे समय से क्षेत्र में बदबूदार और गंदे पानी की आपूर्ति हो रही थी। कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ, जिससे हालात बिगड़ते चले गए।
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कांग्रेस का बयान— सरकार की लापरवाही से बिगड़े हालात
कांग्रेस पार्टी ने इस मामले में राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि समय रहते यदि प्रशासन ने शिकायतों पर ध्यान दिया होता, तो लोगों की जान नहीं जाती।
कांग्रेस ने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष न्यायिक जांच कराई जाए, दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो और मृतकों के परिजनों को मुआवजा दिया जाए।
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एमपी मंत्री के वायरल बयान से बढ़ा सियासी विवाद
पेयजल संकट को लेकर मध्यप्रदेश सरकार के एक मंत्री का बयान सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवाद और गहरा गया। विपक्ष ने बयान को असंवेदनशील बताया, जबकि भाजपा का कहना है कि बयान को संदर्भ से हटाकर पेश किया गया है।
मंत्री ने सफाई देते हुए कहा कि सरकार किसी भी नागरिक की मौत को हल्के में नहीं ले सकती और जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई तय है।
स्थानीय पत्रकार से बोले कैलाश विजयवर्गीय
मामले पर मध्यप्रदेश सरकार के वरिष्ठ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने स्थानीय पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सरकार इस पूरे मामले को गंभीरता से ले रही है।
कैलाश विजयवर्गीय ने कहा,
“किसी भी नागरिक की मौत बेहद दुखद है। सरकार की प्राथमिकता राजनीति नहीं, बल्कि प्रभावित लोगों को तुरंत राहत देना है।”
उन्होंने बताया कि जल आपूर्ति व्यवस्था की जांच कराई जा रही है, पानी के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं और प्रभावित क्षेत्रों में टैंकरों के माध्यम से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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भाजपा का पक्ष— राजनीति से दूर रहकर समाधान पर काम
भाजपा नेताओं ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि नगर निगम और प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। पार्टी का कहना है कि संवेदनशील मुद्दों पर राजनीति करने के बजाय समाधान पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
निष्कर्ष
एक ओर कांग्रेस सरकार से जवाबदेही की मांग कर रही है, वहीं भाजपा और राज्य सरकार का दावा है कि स्थिति नियंत्रण में है और राहत कार्य तेजी से चल रहे हैं। अब सबकी निगाहें प्रशासनिक जांच और आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।




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