- 4 बीघा जमीन पर अयोध्या जैसा मंदिर, ‘सिटी सेंटर’ विकसित करने का दावा
- करूणामयी और बिधाननगर में लगे पोस्टरों से बढ़ी हलचल
- 4 बीघा जमीन पर मंदिर और सिटी सेंटर का दावा
न्यूज़ डेस्क
कोलकाता/बिधाननगर। पश्चिम बंगाल में राम मंदिर को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। राज्य के करूणामयी और बिधाननगर समेत कई प्रमुख इलाकों में लगाए गए पोस्टरों ने चर्चा को नया मोड़ दे दिया है। इन पोस्टरों में दावा किया गया है कि लगभग चार बीघा जमीन पर अयोध्या के राम मंदिर की तर्ज पर भव्य राम मंदिर का निर्माण किया जाएगा और उसके आसपास सिटी सेंटर विकसित होगा।
यह भी पढ़ें
पोस्टरों में सिर्फ मंदिर निर्माण ही नहीं, बल्कि स्कूल, अस्पताल, वृद्धाश्रम और अन्य सामाजिक सुविधाएं विकसित करने का भी वादा किया गया है। पोस्टरों में यह भी उल्लेख है कि यह परियोजना धार्मिक के साथ-साथ सामाजिक कल्याण के उद्देश्य से लाई जा रही है।
स्थानीय इलाकों में चर्चा का विषय
करूणामयी, बिधाननगर और आसपास के इलाकों में लगे इन पोस्टरों के बाद स्थानीय लोगों के बीच इस प्रस्ताव को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। कुछ लोग इसे आस्था से जोड़कर देख रहे हैं, तो वहीं कुछ लोग इसे आगामी राजनीतिक गतिविधियों से जोड़कर देख रहे हैं।
यह भी पढ़ें
लखनऊ से बड़ी खबर: इंस्टाग्राम लाइव पर युवती ने फांसी लगाई, इलाज के दौरान मौत
भाजपा नेता के नाम से लगे पोस्टर
पोस्टरों पर स्थानीय भाजपा नेता संजय पोयरा का नाम लिखा हुआ है। हालांकि अभी तक इस परियोजना को लेकर किसी आधिकारिक ट्रस्ट, सरकारी अनुमति या निर्माण की समय-सीमा को लेकर कोई विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
राजनीतिक बयानबाज़ी की संभावना
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि राम मंदिर से जुड़ा यह मुद्दा बंगाल की राजनीति में एक बार फिर धार्मिक और सांस्कृतिक विमर्श को केंद्र में ला सकता है। विपक्षी दल इसे राजनीतिक प्रचार बता सकते हैं, जबकि समर्थक इसे आस्था और विकास से जोड़कर देख रहे हैं।
यह भी पढ़ें
अभी कई सवाल बाकी
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि जमीन चिन्हित हो चुकी है या नहीं, निर्माण के लिए प्रशासनिक अनुमति मिली है या नहीं, और परियोजना कब शुरू होगी। प्रशासन या भाजपा की ओर से अब तक इस संबंध में कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया है।




Total Users : 107910
Total views : 131094