- खुर्जा डिपो के परिचालक से मारपीट, बस संख्या 8568 को लेकर हुआ विवाद हिंसा में बदला
न्यूज़ डेस्क
हाथरस।उत्तर प्रदेश रोडवेज के हाथरस डिपो में सोमवार को अनुशासन तार-तार होता नजर आया, जब ड्यूटी के दौरान ही कर्मचारियों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि डिपो परिसर अखाड़े में तब्दील हो गया। खुर्जा डिपो की बस संख्या 8568 के परिचालक और अक्षम चालक नरोत्तम सिंह के बीच शुरू हुई मामूली कहासुनी देखते ही देखते हाथापाई और मारपीट में बदल गई, जिसमें खुर्जा डिपो के परिचालक को चोटें आईं।
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बताया जा रहा है कि बस संचालन और कार्य व्यवस्था को लेकर दोनों कर्मचारियों के बीच पहले तीखी बहस हुई। बहस के दौरान भाषा और व्यवहार की मर्यादा टूटती चली गई और कुछ ही क्षणों में मामला मारपीट तक पहुंच गया। डिपो में मौजूद अन्य कर्मचारी बीच-बचाव के लिए दौड़े, लेकिन स्थिति इतनी बिगड़ चुकी थी कि मामला उनके नियंत्रण से बाहर हो गया।
हालात बेकाबू होते देख तत्काल डायल 112 पर सूचना दी गई। पुलिस के मौके पर पहुंचते ही दोनों पक्षों को अलग किया गया और स्थिति पर काबू पाया जा सका। घटना के चलते डिपो परिसर में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी और तनाव का माहौल बना रहा।
घटना की जानकारी मिलने पर सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक (एआरएम) ने पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए तत्काल संज्ञान लिया। एआरएम ने बताया कि विभागीय स्तर पर मामले की जांच कर आवश्यक कार्यवाही की गई है। चूंकि पुलिस में भी शिकायत दर्ज कराई जा चुकी थी, इसलिए पुलिस के हस्तक्षेप के बाद दोनों कर्मचारियों के बीच लिखित सुलहनामा कराया गया है।
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एआरएम ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए संबंधित अधिकारियों से वार्ता की जाएगी और ड्यूटी स्थल पर अनुशासन भंग करने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया जाएगा।
इस घटना ने एक बार फिर रोडवेज विभाग में कार्यसंस्कृति और आंतरिक अनुशासन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सार्वजनिक परिवहन जैसी जिम्मेदार सेवा में तैनात कर्मचारियों का इस तरह आपस में भिड़ना न सिर्फ विभाग की छवि को धूमिल करता है, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा और व्यवस्था पर भी खतरा पैदा करता है।




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