- स्मार्ट मीटर पर लगी रोक लगे हुए मीटर की होगी समीक्षा
- लगातार प्राप्त हो रही शिकायतों के आधार पर पॉवर कारपोरेशन का बड़ा फ़ैसला
न्यूज़ डेस्क
देहरादून। उत्तराखंड के बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी राहत की खबर आई है। उत्तराखंड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPCL) ने पूरे प्रदेश में स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया पर अगले आदेश तक पूरी तरह रोक लगा दी है। इसके लिए मुख्य अभियंता (वितरण) द्वारा 22 नवंबर 2025 को विस्तृत आदेश जारी किए गए हैं। आदेश की प्रति सभी संबंधित अधीक्षण अभियंताओं, मुख्य अभियंताओं और मंडलीय अधिकारियों को भेज दी गई है।
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क्यों लगाया गया स्मार्ट मीटरों पर रोक?
पावर कॉर्पोरेशन को पिछले कई महीनों से स्मार्ट मीटरों को लेकर बड़ी संख्या में शिकायतें मिल रही थीं। उपभोक्ताओं की मुख्य समस्याएँ थीं—
- अचानक बढ़े हुए बिजली बिल
- मीटर रीडिंग में असमानता
- मीटर का स्वतः ट्रिप होना
- नेटवर्क/कनेक्टिविटी की दिक्कत
- बिजली खपत दिखाने में त्रुटि
इन शिकायतों के आधार पर 21 नवंबर को हुई समीक्षा बैठक में UPCL ने पाया कि स्मार्ट मीटरों से संबंधित तकनीकी खामियाँ उपभोक्ताओं के लिए परेशानी का कारण बन रही हैं। इसी के बाद स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया को रोकने का निर्णय लिया गया।
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आदेश में क्या कहा गया है?
आदेश संख्या 5775/नि.परि./उपअभि./स्मार्ट मीटरिंग के अनुसार:
- प्रदेश के किसी भी जिले या क्षेत्र में स्मार्ट मीटर लगाने, बदलने या इंस्टॉल करने का कार्य तुरंत रोक दिया जाए।
- पहले से लगे स्मार्ट मीटरों की शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाए।
- फील्ड स्तर पर बिलिंग त्रुटियों, मीटर ट्रिपिंग और तकनीकी समस्याओं की रिपोर्ट तैयार कर मुख्यालय को भेजी जाए।
- जब तक अगला निर्देश जारी न हो, किसी भी उपभोक्ता के घर नया स्मार्ट मीटर नहीं लगाया जाएगा।
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि स्मार्ट मीटरों से जुड़ी शिकायतों के समाधान के लिए अभियंता स्तर पर विशेष टीम गठित की जाएगी।
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जिलों को अलग-अलग जिम्मेदारियाँ
सभी वितरण खंडों—जैसे देहरादून, हरिद्वार, कुमाऊँ, टिहरी, श्रीनगर, रुद्रपुर आदि—को निर्देश दिया गया है कि वे:
- अपने क्षेत्र में लगे स्मार्ट मीटरों का पुनरीक्षण करें
- उपभोक्ताओं से मिली शिकायतों की सूची तैयार करें
- खराब और कमज़ोर मीटरों की टेक्निकल रिपोर्ट भेजें
- मीटरों के त्रुटिरहित संचालन के लिए आगे की जरूरतों का मूल्यांकन करें
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उपभोक्ताओं को क्या होगा लाभ?
इस फैसले के बाद उपभोक्ताओं को कई तरह की राहत मिल सकती है:
- अचानक बढ़े हुए बिजली बिलों से छुटकारा
- मीटर बदलवाने का दबाव खत्म
- गलत रीडिंग और बिलिंग का समाधान
- पुराने एनालॉग या डिजिटल मीटर फिलहाल यथावत रहेंगे
- तकनीकी खामी दूर होने तक कोई अतिरिक्त खर्च नहीं
UPCL अधिकारियों का कहना है कि उपभोक्ताओं की संतुष्टि सर्वोच्च प्राथमिकता है। जब तक स्मार्ट मीटर पूरी तरह विश्वसनीय, स्थिर और उपभोक्ता हित में नहीं पाए जाते, तब तक इंस्टॉलेशन कार्य आगे नहीं बढ़ाया जाएगा।
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आगे क्या होगा?
UPCL अब स्मार्ट मीटरों से संबंधित सभी समस्याओं की विस्तृत जांच कर रहा है। विशेषज्ञों की टीम तकनीकी रिपोर्ट तैयार कर रही है, जिसके आधार पर अगली बैठक में निर्णय लिया जाएगा कि—
- स्मार्ट मीटर दोबारा कब लगाए जाएंगे
- क्या उनमें संशोधन या तकनीकी अपडेट की आवश्यकता है
- क्या कुछ मॉडल या कंपनियों के मीटरों पर स्थायी रोक लगाई जाए
जब तक नई नीति तैयार नहीं होती, पूरे प्रदेश में इंस्टॉलेशन कार्य पूर्ण रूप से बंद रहेगा। bnndn
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