- कैबिनेट मंजूरी के बाद नए निर्माण नियम लागू
लखनऊ: छोटे प्लॉटों पर बड़ी राहत: 100 sqm आवासीय और 30 sqm व्यावसायिक भूखंडों पर नक्शा पास कराने की ज़रूरत को सरकार ने समाप्त कर दिया है ।
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सरकार ने छोटे मकानों और दुकानों के लिए प्रक्रिया आसान कर दी है। अब इन छोटी श्रेणी के प्लॉटों पर निर्माण के लिए नक्शा पास कराने की अनिवार्यता नहीं होगी, जिससे आम लोगों और छोटे व्यवसायियों को बड़ी सुविधा मिलेगी।
शहरों की चौड़ी सड़कों पर ही मकान+दुकान का मिश्रित निर्माण; 24m और 18m रोड की शर्त तय
10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में 24 मीटर और कम आबादी वाले शहरों में 18 मीटर चौड़ी सड़कों पर ही आवासीय भवन के साथ व्यावसायिक उपयोग की अनुमति होगी। यह व्यवस्था ट्रैफिक प्रबंधन और शहरों की प्लानिंग को ध्यान में रखकर लागू की गई है।
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ट्रस्ट-बेस्ड प्रणाली के तहत 500 sqm आवासीय और 200 sqm व्यावसायिक प्लॉट का नक्शा ऑनलाइन स्वत: स्वीकृत
सरकार ने मैप अप्रूवल में देरी खत्म करने के लिए नई व्यवस्था लागू कर दी है। स्वीकृत लेआउट क्षेत्रों में इन प्लॉटों के लिए ऑनलाइन जमा हुआ नक्शा बिना किसी मैनुअल जांच के स्वत: स्वीकृत माना जाएगा, जो पारदर्शिता और तेजी दोनों बढ़ाएगा।
अधिकांश श्रेणियों में FAR बढ़ा, 45 मीटर चौड़ी सड़कों पर FAR की बाध्यता पूरी तरह समाप्त
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नई नीति में अधिक ऊँचे और बड़े भवनों के निर्माण का रास्ता खोला गया है। FAR बढ़ने से बिल्डरों को ज़मीन के बेहतर उपयोग का मौका मिलेगा, जबकि 45 मीटर चौड़ी सड़कों पर FAR हटाने से हाई-राइज़ निर्माण की संभावना और बढ़ गई है।
कृषि भूमि पर भी नियंत्रित रूप से निर्माण की अनुमति—7m सड़क पर उद्योग से लेकर 18m रोड पर मॉल तक संभव
अब कृषि भू-उपयोग वाले क्षेत्रों में भी सीमित प्रकार के निर्माण को अनुमति दी गई है। छोटे मार्गों पर हेरिटेज होटल, उद्योग और प्राथमिक स्कूल बन सकेंगे, जबकि 18 मीटर चौड़ी सड़क पर शॉपिंग मॉल तक की मंजूरी दी गई है।
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अस्पताल और शॉपिंग मॉल के लिए न्यूनतम 3000 sqm भूमि अनिवार्य, बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए स्पष्ट मानक तय
सरकार ने बड़े व्यावसायिक और चिकित्सा प्रतिष्ठानों की गुणवत्ता और यातायात प्रभाव को ध्यान में रखते हुए न्यूनतम भूमि मानक तय कर दिए हैं। इससे अव्यवस्थित निर्माण पर अंकुश लगेगा।
शैक्षणिक संस्थानों के लिए नए नियम—खुले क्षेत्र और खेल मैदान का आकार अब निर्धारित
स्कूलों और कॉलेजों के लिए खुले क्षेत्र, खेल मैदान और निर्माण शैली के नियम स्पष्ट कर दिए गए हैं ताकि बच्चों को सुरक्षित और मानक के अनुसार सुविधाएँ मिल सकें।
ग्रुप हाउसिंग परियोजनाओं के लिए ज़मीन सीमा कम—2000 sqm से घटाकर 1000/1500 sqm में भी मंजूरी संभव
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नई गाइडलाइन के अनुसार ग्रुप हाउसिंग के लिए अब कम भूमि पर भी प्रोजेक्ट शुरू किया जा सकेगा। इससे मध्यम वर्ग की हाउसिंग परियोजनाओं को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। बहुइकाई भवनों के लिए न्यूनतम भूखंड आकार भी घटाकर 150 sqm कर दिया गया है।
पार्किंग मानकों को और स्पष्ट किया गया, हर प्रकार के निर्माण के लिए अनिवार्य प्रावधान लागू
पार्किंग से जुड़े नियमों को नई स्थिति के अनुसार संशोधित कर दिया गया है ताकि भविष्य में शहरों में वाहनों की भीड़ और अव्यवस्था को नियंत्रित किया जा सके।
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