बागपत DM अस्मिता लाल का अनोखा पहल—ठंड में ठिठुरते स्ट्रीट डॉग्स के लिए बनाए गए अनोखे शेल्टर होम

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  • DM अस्मिता लाल की नवाचारपूर्ण पहल—रीसाइकल सामग्री से तैयार डॉग शेल्टर
  • कड़ाके की ठंड में स्ट्रीट डॉग्स को मिला सुरक्षित आश्रय
  • प्लास्टिक ड्रम और टायरों से बना मजबूत व कम लागत वाला मॉडल
  • हर शेल्टर के अंदर गद्दे और कंबल ताकि मिले गर्माहट
  • नगर पंचायत और प्रशासन मिलकर कर रहे रखरखाव
  • स्थानीय संगठनों और पशु–प्रेमियों ने की पहल की सराहना

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न्यूज़ डेस्क
बागपत
(उत्तर प्रदेश): कड़ाके की सर्दी में जहाँ इंसानों के लिए भी सड़क पर रहना मुश्किल हो जाता है, वहीं प्रशासन की पहल ने जिले के बेजुबान जानवरों के लिए राहत की एक गर्माहट भरी किरण ला दी है। बागपत की जिलाधिकारी अस्मिता लाल (IAS, 2015 बैच) ने स्ट्रीट डॉग्स को सर्द हवाओं से बचाने के लिए एक अनोखा और प्रेरणादायक प्रयोग शुरू किया है।

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प्लास्टिक ड्रम और टायरों से बनाए गर्म शेल्टर

DM अस्मिता लाल ने प्लास्टिक के बड़े ड्रम, पुराने टायर और अन्य पुनर्चक्रित सामग्रियों की मदद से डॉग शेल्टर तैयार करवाए हैं।

  • ड्रम को काटकर सुरक्षित ढंग से डॉग हाउस का आकार दिया गया है।
  • टायरों को आधार और कवर के रूप में उपयोग किया गया है ताकि हवा अंदर न जा सके।
  • हर शेल्टर के अंदर मोटे गद्दे, रग और कंबल डाले गए हैं, जिससे कुत्ते ठंड से बच सकें और आराम से सो सकें।

यह पहल न सिर्फ पर्यावरण–हितैषी है बल्कि कम लागत में ज्यादा से ज्यादा डॉग हाउस तैयार करने का मॉडल भी बन रही है।

नगर पंचायत और प्रशासन की संयुक्त पहल

जिले के कई स्थानों—चौक, प्रमुख सड़कों, अस्पतालों और बाजारों—के पास ये शेल्टर लगाए जा रहे हैं। नगर पंचायत की टीमें नियमित रूप से इनकी निगरानी करेंगी ताकि

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  • गद्दे और रग गीले न हों
  • कुत्तों को किसी तरह की चोट या परेशानी न हो
  • जरूरत पड़ने पर नए शेल्टर लगाए जा सकें

DM की संवेदनशील पहल की सराहना

अस्मिता लाल की इस पहल की सोशल मीडिया से लेकर स्थानीय संगठनों तक में खूब चर्चा है। पशु प्रेमियों का कहना है कि यह एक ऐसा मॉडल है जिसे प्रदेश के अन्य जिलों में भी लागू किया जा सकता है।

बागपत प्रशासन ने लोगों से भी अपील की है कि ठंड में आवारा जानवरों को परेशान न करें और उन्हें सुरक्षित जगह करने में सहयोग दें।

क्यों महत्वपूर्ण है यह पहल?

  • दिसंबर–जनवरी में तापमान 4–6 डिग्री तक गिर जाता है
  • हर साल हजारों स्ट्रीट डॉग्स अत्यधिक ठंड से प्रभावित होते हैं
  • कम लागत में तेजी से तैयार होने वाला यह मॉडल बड़े स्तर पर उपयोगी है

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नतीजा

यह अभिनव प्रयास न सिर्फ प्रशासन की संवेदनशील सोच को दिखाता है बल्कि यह भी साबित करता है कि थोड़ी सी रचनात्मकता और मानवीय संवेदना से बेजुबानों के लिए बड़े बदलाव किए जा सकते हैं।

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