- हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर लिया पुण्य लाभ, सामाजिक एकता का दिखा अनूठा उदाहरण
रायबरेली:पुरवा पिंडोर गांव में मकर संक्रांति के पावन पर्व के अवसर पर खिचड़ी भोज का भव्य एवं सफल आयोजन किया गया। यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक समरसता और भाईचारे का प्रतीक बना। गांव और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे और श्रद्धा भाव से खिचड़ी प्रसाद ग्रहण किया।
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इस आयोजन का नेतृत्व पुरवा पिंडोर के पूर्व प्रधान अनिरुद्ध श्रीवास्तव द्वारा किया गया। उन्होंने बताया कि मकर संक्रांति भारतीय संस्कृति का महत्वपूर्ण पर्व है, जो सेवा, दान और सहयोग की भावना को मजबूत करता है। इसी उद्देश्य से हर वर्ग के लोगों को जोड़ने के लिए यह खिचड़ी भोज आयोजित किया गया।

सुबह से शाम तक चला भोज कार्यक्रम
मकर संक्रांति के दिन प्रातःकाल से ही आयोजन स्थल पर श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया था। पूजा-अर्चना के उपरांत खिचड़ी प्रसाद का वितरण प्रारंभ हुआ, जो देर शाम तक चलता रहा। हजारों की संख्या में महिला, पुरुष, बुजुर्ग और बच्चों ने प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन में स्वच्छता, अनुशासन और व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा गया।
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ग्रामीणों और युवाओं ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
भोज कार्यक्रम को सफल बनाने में गांव के युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। प्रसाद वितरण, भीड़ प्रबंधन और व्यवस्था संभालने में ग्रामीणों का सहयोग सराहनीय रहा। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से रामू श्रीवास्तव, बबलू श्रीवास्तव, सोनू श्रीवास्तव, घनश्याम बाजपेयी, हरिओम श्रीवास्तव, धनंजय, लालजी त्रिवेदी,रूपन शुक्ला,रोहित,राजा,सूरज,संजू,संतोष,अंकुश,मोनू सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
सामाजिक सौहार्द का संदेश
इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन गांव में आपसी मेल-जोल बढ़ाते हैं और सामाजिक एकता को मजबूत करते हैं। मकर संक्रांति जैसे पर्व समाज को जोड़ने और सेवा की भावना को आगे बढ़ाने का कार्य करते हैं।
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ग्रामीणों ने की आयोजन की सराहना
ग्रामीणों ने पूर्व प्रधान अनिरुद्ध श्रीवास्तव के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से गांव की सांस्कृतिक पहचान मजबूत होती है। लोगों ने भविष्य में भी इस प्रकार के धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जाने की अपेक्षा जताई।




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