तेजस एक्सप्रेस को पटरी से उतारने की साजिश या लापरवाही?

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  • डाउन ट्रैक पर मिला सीमेंटेड स्लीपर, 27 मिनट तक थमी रही ट्रेन
  • मगरवारा स्टेशन के पास डाउन लाइन पर मिला सीमेंटेड स्लीपर, सतर्कता से टला बड़ा हादसा, आरपीएफ–जीआरपी जांच में जुटी

उन्नावमगरवारा रेलवे स्टेशन के पास डाउन ट्रैक पर सीमेंटेड स्लीपर मिलने से ट्रेन संख्या 82502 तेजस एक्सप्रेस की सुरक्षित आवाजाही पर बड़ा खतरा मंडरा गया। समय रहते सतर्कता बरतने से संभावित हादसा टल गया, लेकिन यात्रियों को करीब 27 मिनट तक ट्रेन में इंतजार करना पड़ा। घटना ने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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प्राप्त जानकारी के अनुसार, तेजस एक्सप्रेस से पहले डाउन लाइन से एक मालगाड़ी रवाना की गई थी। इसके बाद तेजस एक्सप्रेस को गंगाघाट रेलवे स्टेशन पर सिग्नल न मिलने के कारण रात 8:52 बजे से 9:19 बजे तक रोक दिया गया। लाइन क्लियर कराने के लिए जब मगरवारा स्टेशन मास्टर से संपर्क किया गया, तो पता चला कि डाउन ट्रैक पर सीमेंटेड स्लीपर पड़ा हुआ है, जिससे ट्रैक बाधित हो गया है।

सूचना मिलते ही रेलवे कर्मचारियों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर ट्रैक से स्लीपर हटवाया। सुरक्षा जांच के बाद तेजस एक्सप्रेस को आगे के लिए रवाना किया गया। इस दौरान ट्रेन में सवार यात्रियों के बीच कुछ समय के लिए अफरा-तफरी और चिंता का माहौल बना रहा।

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आरपीएफ और जीआरपी मौके पर, जांच शुरू

घटना की सूचना मिलते ही आरपीएफ और जीआरपी की टीमें मौके पर पहुंचीं और पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी गई। गंगाघाट रेलवे स्टेशन मास्टर ने बताया कि रात 8:22 बजे एसएलआरपी मालगाड़ी डाउन ट्रैक से उन्नाव की ओर रवाना हुई थी, उसी के बाद ट्रैक पर स्लीपर होने की जानकारी मिली, जिसके चलते तेजस एक्सप्रेस को रोका गया।

वहीं, आरपीएफ इंस्पेक्टर हरीश कुमार ने बताया कि मगरवारा रेलवे स्टेशन पर उस समय गिट्टी की लोडिंग और अनलोडिंग का कार्य चल रहा था, संभव है उसी दौरान सीमेंटेड स्लीपर ट्रैक पर आ गया हो। उन्होंने तेजस एक्सप्रेस को पलटाने की साजिश से फिलहाल इनकार किया है और कहा कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। सभी पहलुओं की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

पहले भी सामने आ चुकी हैं ट्रैक से छेड़छाड़ की घटनाएं

गौरतलब है कि हाल के महीनों में रेलवे ट्रैक पर जानबूझकर बाधा डालने की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं—

  • 10 दिसंबर को मेरठ के बड़ौत क्षेत्र में रेलवे ट्रैक पर लोहे का पाइप रख दिया गया था, जिससे एक मालगाड़ी टकरा गई।
  • कानपुर के बर्राजपुर रेलवे स्टेशन के पास ट्रैक पर खाली गैस सिलेंडर रखकर कालिंदी एक्सप्रेस को पलटाने की कोशिश की गई थी।
  • 9 सितंबर 2024 को कालिंदी एक्सप्रेस के सामने एलपीजी गैस से भरा सिलेंडर रखा गया था, जो टकराने के बाद दूर जा गिरा और बड़ा हादसा टल गया।
  • इससे पहले 16 अगस्त 2024 को झांसी रूट पर पनकी औद्योगिक क्षेत्र में साबरमती एक्सप्रेस पटरी के टुकड़े से टकरा गई थी, जिसमें इंजन समेत 21 डिब्बे पटरी से उतर गए थे।

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सवालों के घेरे में सुरक्षा व्यवस्था

लगातार सामने आ रही इन घटनाओं से रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग रहे हैं। मगरवारा की इस घटना में लापरवाही थी या सुनियोजित साजिश, इसका सच जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा। फिलहाल रेलवे प्रशासन ने यात्रियों को आश्वस्त किया है कि सुरक्षा के सभी मानकों की समीक्षा की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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