कांशीराम आवास योजना में अवैध कब्जों पर प्रशासन सख्त, 42 आवासों में रहने वालों को नोटिस

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  • क़रीब 3000 आवासों का सत्यापन शुरू
  • 38 अधिकारियों की टीम तैनात
  • अवैध कब्जाधारियों पर होगी कड़ी कार्रवाई

न्यूज़ डेस्क 

वाराणसी। शहरी गरीबों को छत उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इंद्रपुर, शिवपुर क्षेत्र में कांशीराम आवास योजना के तहत निर्मित आवासों में अवैध कब्जों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने व्यापक जांच शुरू कर दी है। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार के निर्देश पर योजना के प्रथम और द्वितीय चरण में बने लगभग 3000 आवासों के आवंटियों का सत्यापन कराया जा रहा है। जांच के दौरान अब तक 42 आवासों में अवैध रूप से रहने वालों की पहचान कर उन्हें नोटिस जारी किए गए हैं।

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प्रशासन के अनुसार, कांशीराम आवास योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, दिव्यांग, विधवा एवं जरूरतमंद परिवारों को नि:शुल्क आवास आवंटित किए गए थे। लेकिन निर्माण के बाद से ही कई आवासों पर अवैध कब्जे, मूल आवंटी के बजाय अन्य व्यक्तियों के रहने और कुछ मामलों में आवासों को किराये पर देने की शिकायतें सामने आ रही थीं। इन्हीं शिकायतों के आधार पर जिलाधिकारी ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

जांच की जिम्मेदारी जनपद के विभिन्न विभागों के 38 अधिकारियों को सौंपी गई है। सभी अधिकारियों को ब्लॉकवार 72-72 आवासों की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच के दौरान अधिकारी सात बिंदुओं पर जानकारी एकत्र कर रहे हैं, जिनमें ब्लॉक नंबर, आवास संख्या, मूल आवंटी का नाम, पिता का नाम, वर्तमान में रहने वाले व्यक्ति का नाम, मोबाइल नंबर, आवास में निवास की स्थिति और मौके की जीपीएस फोटो शामिल है।

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अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि यदि मूल आवंटी के स्थान पर कोई अन्य व्यक्ति रह रहा पाया जाता है, आवास बंद है या उसे किराये पर दिया गया है, तो इसका स्पष्ट उल्लेख जांच रिपोर्ट में किया जाए। साथ ही, मौके पर उपलब्ध दस्तावेजों का मिलान मूल अभिलेखों से भी किया जाएगा।

नागरिक आपूर्ति एवं गरीबी अधिकारी अमित कुमार ने बताया कि जांच रिपोर्ट में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर दोषियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि पहले चरण में 42 आवासों में अवैध रूप से रह रहे लोगों को खाली करने के लिए नोटिस जारी कर दिए गए हैं, जिससे कब्जाधारियों में हड़कंप मचा हुआ है।

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जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने कहा कि पूरी जांच प्रक्रिया पारदर्शी होगी और रिपोर्ट का थर्ड पार्टी से क्रॉस चेक भी कराया जाएगा, ताकि किसी भी तरह की त्रुटि की गुंजाइश न रहे। प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि कांशीराम आवास योजना का लाभ केवल वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचाना प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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