रोडवेज फैमिली पास बिना बस में मुफ्त यात्रा नहीं, आदेश ज़ारी

Picture of nationstationnews

nationstationnews

  • फैमिली पास नहीं तो देना होगा निर्धारित किराया, परिचालक को तत्काल टिकट जारी करने के निर्देश
  • बिना टिकट यात्रा मिली तो परिचालक के साथ संबंधित कर्मचारी पर भी होगी नियमानुसार कार्रवाई

न्यूज़ डेस्क 

हरदोई। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) की बसों में रोडवेज कर्मियों के परिजनों और अन्य परिचितों की बिना टिकट यात्रा पर अब सख्ती होगी। हरदोई क्षेत्र के क्षेत्रीय प्रबंधक गौरव वर्मा ने 18 अगस्त 2026 को कार्यालय आदेश जारी कर स्पष्ट किया है कि स्टाफ के साथ यात्रा करने वाले परिजनों के पास वैध फैमिली पास होना जरूरी होगा। बिना फैमिली पास के किसी भी व्यक्ति को मुफ्त यात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी।

तमिलनाडु में किसानों को बड़ी राहत, 75 हजार रुपये तक के फसल ऋण की पूरी माफी

क्षेत्रीय प्रबंधक के आदेश में कहा गया है कि क्षेत्र की बसों में कुछ चालक-परिचालकों, चाहे वे नियमित, संविदा अथवा आउटसोर्स श्रेणी के हों, उनके परिवार के सदस्यों को बिना फैमिली पास के निःशुल्क यात्रा कराए जाने की जानकारी सामने आई है। इतना ही नहीं, ड्यूटी पर तैनात परिचालकों द्वारा कई मामलों में यात्रियों से निर्धारित किराया लिए बिना यात्रा कराए जाने की बात भी संज्ञान में आई है। इससे निगम को राजस्व की आर्थिक क्षति होने के साथ-साथ उसकी कार्यप्रणाली और छवि पर प्रतिकूल असर पड़ने की बात आदेश में कही गई है।

CJP कार्यकर्ता के पिता की मौत का मामला गरमाया, स्कूल की बदहाली का वीडियो बनाने के बाद हमले का आरोप

बिना पास के देना होगा पूरा किराया

आदेश के मुताबिक, यदि किसी स्टाफ सदस्य के साथ उसका परिवार का कोई सदस्य या अन्य व्यक्ति बस में यात्रा करता है और उसके पास वैध फैमिली पास उपलब्ध नहीं है, तो परिचालक को नियमानुसार निर्धारित किराया लेकर तत्काल वैध टिकट जारी करना होगा।

यानी सिर्फ यह बताना कि यात्री रोडवेज कर्मचारी का परिजन है, मुफ्त यात्रा के लिए पर्याप्त नहीं होगा। फैमिली पास नहीं है तो किराया देना होगा और टिकट लेना अनिवार्य होगा।

श्रीलंका 284 रन पर ढेर, भारत को 178 रन की बढ़त; सुथार-जडेजा की फिरकी का कमाल

परिचालक ही नहीं, संबंधित स्टाफ पर भी कार्रवाई

क्षेत्रीय प्रबंधक ने आदेश में जिम्मेदारी भी तय की है। किसी यात्री को बिना टिकट यात्रा कराए जाने का मामला सामने आने पर कार्रवाई केवल ड्यूटी पर तैनात परिचालक तक सीमित नहीं रहेगी। यदि जांच में संबंधित स्टाफ की भूमिका, मिलीभगत या लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ भी निगम के प्रचलित सेवा नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

आदेश में यह भी कहा गया है कि किसी यात्री को जानबूझकर बिना टिकट यात्रा कराना अथवा जानबूझकर टिकट जारी न करना गंभीर अनियमितता मानी जाएगी।

राम मंदिर दान मामले में सुप्रीम कोर्ट सख्त, SIT को जांच तेज करने के निर्देश

चेकिंग स्टाफ को दिए सख्त निर्देश

हरदोई क्षेत्र के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधकों और चेकिंग स्टाफ को भी आदेश का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए गए हैं। चेकिंग के दौरान यदि बस में कोई व्यक्ति बिना टिकट यात्रा करता पाया जाता है तो मामले को गंभीरता से दर्ज करने और संबंधित परिचालक के खिलाफ नियमानुसार रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है।

आदेश में स्पष्ट किया गया है कि ऐसे मामलों में अनावश्यक सहानुभूति या शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।

326 सांसद और 14 मुख्यमंत्रियों पर आपराधिक मामले, सुप्रीम कोर्ट में पेश रिपोर्ट ने बढ़ाई चिंता

क्षेत्रीय प्रबंधक गौरव वर्मा के हस्ताक्षर से जारी यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। इसका उद्देश्य रोडवेज बसों में अनधिकृत मुफ्त यात्रा पर रोक लगाने के साथ-साथ निगम के राजस्व की सुरक्षा और कर्मचारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करना है।

Our Visitor

1 2 4 5 2 6
Total Users : 124526
Total views : 156893