- इलाज के बाद 90 दिन के भीतर करना होगा दावा, जनहित पोर्टल से होगी पूरी प्रक्रिया
- ₹50 हजार तक के दावे पर CMS/सक्षम अधिकारी, इससे अधिक पर CMO/मुख्य चिकित्सा अधीक्षक की मंजूरी जरूरी
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने सेवारत एवं सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारियों के चिकित्सा प्रतिपूर्ति (Medical Reimbursement) दावों के निस्तारण की प्रक्रिया को डिजिटल कर दिया है। शासनादेश संख्या 220/2026/आई00/1456607/2026-5-6099/93/2026-6, दिनांक 9 सितंबर 2026 के अनुसार अब चिकित्सा प्रतिपूर्ति के दावे ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से किए जाएंगे। भौतिक रूप से प्रस्तुत किए गए दावे मान्य नहीं होंगे।
इलाज शुरू होने से भुगतान तक तय की गई समय-सीमा
नई व्यवस्था के तहत चिकित्सा उपचार शुरू होने की सूचना संबंधित विभाग/कार्यालय को 30 दिनों के भीतर देनी होगी। उपचार समाप्त होने के बाद कर्मचारी को 90 दिनों के अंदर चिकित्सा प्रतिपूर्ति का दावा पोर्टल पर प्रस्तुत करना होगा।
दावा करने के लिए janhit.dgmhup.in पोर्टल पर Citizen Login के जरिए “Payment of Medical Reimbursement” विकल्प चुनना होगा। कर्मचारी को e-HRMS Code के माध्यम से अपनी जानकारी भरनी होगी और इलाज से संबंधित विवरण दर्ज करना होगा।
दस्तावेज अपलोड करना अनिवार्य
ऑनलाइन आवेदन के दौरान अस्पताल के बिल/वाउचर, प्रिस्क्रिप्शन, डिस्चार्ज समरी, आपातकालीन प्रमाणपत्र (जहां लागू हो), चिकित्सा अग्रिम की स्वीकृति, उपचार संबंधी प्रमाण-पत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होंगे। मृत्यु की स्थिति में Death Certificate तथा जरूरत के अनुसार आधार/पहचान संबंधी दस्तावेज भी मांगे जा सकते हैं।
कार्यालयाध्यक्ष को 15 दिन में करना होगा Forward
आवेदन और दस्तावेज जमा होने के बाद संबंधित कार्यालयाध्यक्ष को 15 कार्यदिवस के भीतर मामले को Forward करना होगा। इसके बाद चिकित्सा विभाग द्वारा दावे की जांच और देय राशि का निर्धारण किया जाएगा।
₹50 हजार तक और उससे अधिक के दावों के लिए अलग व्यवस्था
₹50,000 से कम के दावे संबंधित जनपद के निर्धारित चिकित्सालय के CMS/सक्षम अधिकारी को प्रस्तुत किए जाएंगे। वहीं ₹50,000 या उससे अधिक के दावे संबंधित जनपद के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO)/मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) को अग्रसारित किए जाएंगे।
चिकित्सा विभाग द्वारा जांच के बाद निर्धारित राशि संबंधित विभाग के माध्यम से कर्मचारी के बैंक खाते में भुगतान की जाएगी।
पूरी प्रक्रिया में अधिकतम 45 दिन का लक्ष्य
नई व्यवस्था में उपचार समाप्त होने के बाद दावा प्रस्तुत करने से लेकर राशि की संस्तुति तक की कुल प्रक्रिया के लिए 45 कार्यदिवस तक की समय-सीमा निर्धारित की गई है। चिकित्सा विभाग को जांच एवं देय राशि निर्धारण के लिए 30 दिन का समय दिया गया है।
e-HRMS Code भी जरूरी
सरकार ने e-HRMS Code को महत्वपूर्ण बताया है। इसके माध्यम से Human Sampada से कर्मचारी की व्यक्तिगत एवं सेवा संबंधी जानकारी स्वतः प्राप्त होगी। यदि e-HRMS Code उपलब्ध या सक्रिय नहीं है, तो आवश्यक जानकारी स्वयं भरनी होगी। कर्मचारियों को अपना e-HRMS Code सही और अपडेट रखने की सलाह दी गई है।
बिल में सही मद में खर्च दर्ज करना होगा
शासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि बिल में खर्च की राशि सही मद में दर्ज की जाए। गलत या एक ही मद में पूरी राशि भरने पर आवश्यकतानुसार उसमें समायोजन किया जा सकता है।
अंतिम स्थिति: दावा स्वीकृत होने पर पूरी देय राशि, आंशिक स्वीकृति पर निर्धारित राशि और अस्वीकृति की स्थिति में कारण दर्ज किया जाएगा।
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जनहित स्वास्थ्य पोर्टल: janhit.dgmhup.in
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