- पति पर मारपीट कर घर से निकालने का आरोप, मजदूरी छूटने के बाद बढ़ी मुश्किलें
- पुलिस और वन स्टॉप सेंटर की टीम ने महिला को बहन के सुपुर्द कर घर भिजवाया
शाहबाज खां जिला संवाददाता रामपुर
रामपुर। जिला अस्पताल के बरामदे में सात दिन के नवजात और पांच साल की बेटी के साथ फर्श पर रातें गुजारने को मजबूर महिला शौकीन जहां को आखिरकार राहत मिल गई। मामला सामने आने के बाद गुरुवार देर रात नगर कोतवाली पुलिस और वन स्टॉप सेंटर की टीम अस्पताल पहुंची। टीम ने महिला को उसकी छोटी बहन मायूस जहां के सुपुर्द किया और सरकारी एंबुलेंस से घर भिजवाया।
जहाजपुर निवासी शौकीन जहां का आरोप है कि करीब छह महीने पहले उसके पति शेर सिंह ने मारपीट कर उसे घर से निकाल दिया था। इसके बाद वह मजदूरी करके अपने बच्चों का पालन-पोषण कर रही थी। हालांकि, तबीयत खराब होने के कारण उसकी मजदूरी छूट गई। प्रसव के बाद रहने के लिए कोई ठिकाना नहीं मिलने पर उसे अपने नवजात और पांच साल की बेटी के साथ जिला अस्पताल के बरामदे में शरण लेनी पड़ी।
काउंसलिंग के बाद पति को बुलाकर होगी जांच
मामला संज्ञान में आने के बाद पुलिस और वन स्टॉप सेंटर की टीम ने महिला की मदद के लिए कदम उठाया। वन स्टॉप सेंटर की प्रभारी चांद बी ने बताया कि महिला की काउंसलिंग कराई जाएगी। इसके बाद उसके पति को बुलाकर पूरे मामले की जांच की जाएगी। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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