- जनता दर्शन में पिता ने बताई आर्थिक मजबूरी, बरेली के निजी अस्पताल में चल रहा मासूम का उपचार
- चाइल्ड केयर एंड प्रोटेक्शन फंड से मिली त्वरित सहायता, DM ने अधिकारियों को दिए प्राथमिकता पर कार्रवाई के निर्देश
- 11 हजार केवी की हाईटेंशन लाइन से झुलसे मासूम का बरेली के अस्पताल में चल रहा उपचार, जनता दर्शन में पिता ने लगाई थी गुहार
- चाइल्ड केयर एण्ड प्रोटेक्शन फण्ड से मिली त्वरित राहत, अफसरों को प्राथमिकता पर समाधान के कड़े निर्देश
योगी सरकार का बड़ा ऐलान: आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ा, ₹5 लाख का हेल्थ कवर भी
शाहबाज़ ख़ाँ,जिला संवाददाता
रामपुर:हाईटेंशन लाइन की चपेट में आकर जिंदगी और मौत से जूझ रहे मासूम के इलाज के लिए जिला प्रशासन देवदूत बनकर सामने आया है। जनता दर्शन में आर्थिक तंगी की लाचारी लेकर पहुंचे बेबस पिता की व्यथा पर जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने फौरी संवेदनशीलता दिखाई। 11 हजार केवी विद्युत लाइन की चपेट में आने से गंभीर रूप से झुलसे बालक दक्ष के समुचित उपचार के लिए प्रशासन ने चाइल्ड केयर एण्ड प्रोटेक्शन फण्ड से तत्काल एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की। डीएम ने पीड़ित परिजनों को कलेक्ट्रेट बुलाकर एक लाख रुपये का चेक सौंपा, जिससे बरेली के निजी अस्पताल में भर्ती मासूम के आगे के इलाज की राह आसान हो गई है।
₹95 के करीब पहुंचा रुपया! महंगे कच्चे तेल ने बढ़ाई RBI की चिंता
जनता दर्शन में पिता ने सुनाई थी बेबसी
रामपुर तहसील सदर क्षेत्र के ग्राम नईमगंज निवासी मुकेश कुमार विगत दिनों कलेक्ट्रेट में आयोजित जनता दर्शन में पहुंचे थे। उन्होंने जिलाधिकारी के समक्ष नम आंखों से अपनी व्यथा बयां करते हुए बताया कि उनका पुत्र दक्ष 11 हजार केवी विद्युत लाइन के संपर्क में आने से बुरी तरह झुलस गया है। हादसे के बाद उसे गंभीर हालत में बरेली स्थित एहसान हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां उसका सघन उपचार चल रहा है। परिवार की कमजोर माली हालत का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि भारी-भरकम चिकित्सा खर्च उठाना अब उनके बूते से बाहर हो चुका है और पैसे के अभाव में बेटे का उपचार बीच में ही रुकने के कगार पर पहुंच गया है।
अफसरों को जांच और त्वरित राहत का मिला जिम्मा
रामपुर मे पीड़ित पिता की दर्दनाक दास्तान सुनने के बाद जिलाधिकारी ने पूरे मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने बिना किसी देरी के जिला कार्यक्रम अधिकारी को बच्चे की चिकित्सा स्थिति व पारिवारिक पृष्ठभूमि की त्वरित जांच कर आवश्यक विधिक व प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी करने के सख्त निर्देश दिए। निर्देश मिलते ही विभागीय तंत्र सक्रिय हुआ और औपचारिकताएं पूर्ण कर बच्चे को राहत दिलाने की रूपरेखा तैयार की गई।
सवाल लेकर बैठीं छात्राएं, सामने थे जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी… जवाबों ने दिखाई सफलता की राह*
चाइल्ड केयर एण्ड प्रोटेक्शन फण्ड से मिला सहारा
जिले में विषम परिस्थितियों में फंसे और गंभीर बीमारियों का सामना कर रहे बच्चों के संरक्षण व देखभाल के लिए चाइल्ड केयर एण्ड प्रोटेक्शन फण्ड की व्यवस्था है। इसी कोष का उपयोग करते हुए दक्ष के उपचार के लिए एक लाख रुपये की तात्कालिक सहायता मंजूर की गई। इसके उपरांत जिलाधिकारी ने दक्ष के परिजनों को कलेक्ट्रेट स्थित कार्यालय कक्ष में आमंत्रित कर एक लाख रुपये का चेक प्रदान किया।
गौ आश्रय स्थलों में संरक्षित गोवंश के रखरखाव एवं भरण-पोषण की डीएम ने की समीक्षा बैठक*
प्रशासनिक मदद पर परिजनों ने जताया आभार
चेक प्राप्त करने के बाद दक्ष के परिजनों की आंखें भर आईं और उन्होंने जिलाधिकारी का आभार जताया। परिजनों का कहना था कि जीवन के सबसे विकट आर्थिक संकट के दौर में मिली यह सरकारी इमदाद उनके बेटे को नया जीवन देने में मददगार साबित होगी। वहीं जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि आर्थिक अभाव के चलते किसी भी जरूरतमंद बच्चे का उपचार नहीं रुकने दिया जाएगा। जनता की समस्याओं का प्राथमिकता पर त्वरित निस्तारण करना ही प्रशासन की मूल जिम्मेदारी है।


