- जुलाई से लागू हगा बढ़ा हुआ मानदेय, जनवरी और जुलाई में 5-5 प्रतिशत वृद्धि का प्रावधान
न्यूज़ डेस्क
लखनऊ, 17 अगस्त। उत्तर प्रदेश परिवहन निगम में कार्यरत आउटसोर्स कार्मिकों के लिए प्रदेश सरकार ने महत्वपूर्ण फैसला लिया है। परिवहन निगम में सेवाएं दे रहे कंप्यूटर ऑपरेटर, लेखाकार कम टैली ऑपरेटर और प्रोग्रामर के मानदेय में 5 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। बढ़ा हुआ मानदेय जुलाई 2026 से प्रभावी होगा।
परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने बताया कि प्रदेश सरकार कर्मचारियों और कार्मिकों के हितों के प्रति संवेदनशील है। इसी क्रम में परिवहन निगम में कार्यरत आउटसोर्स कार्मिकों के मानदेय में निर्धारित व्यवस्था के तहत जुलाई माह से 5 प्रतिशत की वृद्धि की गई है।
हर साल 10 प्रतिशत बढ़ता है मानदेय
यूपी पुलिस में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल जल्द, अगस्त में 10 IPS होंगे रिटायर
परिवहन मंत्री ने बताया कि परिवहन निगम में कार्यरत आउटसोर्स कार्मिकों के मानदेय में प्रति वर्ष कुल 10 प्रतिशत वृद्धि का प्रावधान किया गया है। इसके तहत वर्ष में दो बार मानदेय बढ़ाया जाता है। जनवरी माह में 5 प्रतिशत और जुलाई माह में 5 प्रतिशत की वृद्धि की व्यवस्था है।
इसी प्रावधान के तहत जुलाई 2026 से संबंधित आउटसोर्स कार्मिकों को बढ़ा हुआ मानदेय प्रदान किया जाएगा। सरकार के इस निर्णय से परिवहन निगम में तकनीकी और लेखा संबंधी कार्यों में लगे कार्मिकों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा।
तकनीकी कामकाज में महत्वपूर्ण भूमिका
परिवहन निगम की बदलती कार्यप्रणाली में कंप्यूटर ऑपरेटर, लेखाकार कम टैली ऑपरेटर और प्रोग्रामर जैसे तकनीकी कार्मिकों की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण हुई है। टिकटिंग व्यवस्था से लेकर लेखा कार्य, कंप्यूटर आधारित रिकॉर्ड, डाटा प्रबंधन और अन्य तकनीकी कार्यों में इन कार्मिकों की सेवाएं ली जा रही हैं।
मंत्री ने कहा कि परिवहन निगम की सेवाओं को सुचारू, आधुनिक और प्रभावी बनाने में आउटसोर्स कार्मिक महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। उनकी तकनीकी दक्षता का लाभ निगम के दैनिक संचालन में मिल रहा है।
कार्मिकों का मनोबल बढ़ाने पर जोर
सरकार के मुताबिक मानदेय में नियमित वृद्धि से आउटसोर्स कार्मिकों को आर्थिक संबल मिलेगा। इससे उनके मनोबल में वृद्धि होगी और वे अधिक उत्साह, जिम्मेदारी एवं प्रतिबद्धता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकेंगे।
परिवहन मंत्री ने कहा कि परिवहन निगम को बेहतर और यात्री केंद्रित बनाने में हर स्तर के कार्मिक का योगदान महत्वपूर्ण है। सरकार इसी सोच के साथ कर्मचारियों एवं कार्मिकों के हितों को ध्यान में रखते हुए निर्णय ले रही है।
आउटसोर्स व्यवस्था में नियमित वृद्धि का संदेश
जिला अस्पताल की पर्ची, बाहर की दवा और ‘सब्स्टिट्यूट’ का खेल!
परिवहन निगम के आउटसोर्स कार्मिकों के लिए यह निर्णय इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि सरकार ने मानदेय में नियमित वार्षिक वृद्धि की व्यवस्था को जारी रखा है। जनवरी और जुलाई में 5-5 प्रतिशत की वृद्धि के प्रावधान के चलते सालाना 10 प्रतिशत तक बढ़ोतरी का लाभ संबंधित कार्मिकों को मिलता रहेगा।
https://nationstationnews.com/up-police-administrative-reshuffle-10-ips-retire-august-2026/l
सरकार का कहना है कि बेहतर मानदेय और आर्थिक सुरक्षा से कार्मिकों की कार्यक्षमता बढ़ेगी, जिसका सीधा असर परिवहन निगम की सेवाओं और यात्रियों को मिलने वाली सुविधाओं पर भी पड़ेगा।


