अरविंद श्रीवास्तव जिला संवाददाता
बांदा। जनपद में बालू खनन को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। तिंदवारी क्षेत्र की बेंदा खदान में पिछले करीब एक पखवाड़े से कथित रूप से निर्धारित सीमा से बाहर खनन किए जाने के आरोप सामने आए हैं। वहीं मर्का थाना क्षेत्र की चर्का खंड संख्या-10 खदान में किसानों की निजी जमीन से कथित तौर पर दबाव बनाकर बालू निकालने का मामला चर्चा में है। पीड़ित किसानों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर जांच और कार्रवाई की मांग की है।
तिंदवारी थाना क्षेत्र के अंतर्गत संचालित बेंदा खदान को लेकर स्थानीय स्तर पर अवैध खनन और ओवरलोड वाहनों के परिवहन की शिकायतें सामने आई हैं। खदान का संचालन देख रहे अशोक पर सरकारी नियमों और निर्धारित खनन सीमा की अनदेखी करने के आरोप लगाए गए हैं।
मामले में कथित तौर पर पहलवान यादव का नाम भी चर्चा में बताया जा रहा है। आरोप है कि उनके भतीजे की अगुवाई में खदान में खनिज नियमावली का उल्लंघन किया जा रहा है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।
स्थानीय सूत्रों का दावा है कि खदान में ओवरलोड वाहनों से बालू का परिवहन भी लगातार किया जा रहा है। ऐसे में खनन विभाग की निगरानी और कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
चर्का खदान में किसानों के उत्पीड़न का आरोप, डीएम से लगाई गुहार
दूसरी ओर मर्का थाना क्षेत्र की चर्का खंड संख्या-10 खदान का मामला भी सामने आया है। यहां किसानों ने खदान संचालक पर धमकाने, उत्पीड़न करने और निजी जमीन से जबरन बालू निकालने के आरोप लगाए हैं।
इस संबंध में भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों और पीड़ित किसानों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा है। किसानों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, निजी जमीन से अवैध बालू निकासी पर रोक लगाने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
अब बड़ा सवाल यह है कि किसानों की शिकायत पर जिला प्रशासन और खनिज विभाग क्या कदम उठाते हैं? क्या बेंदा और चर्का खदानों की सीमाओं की जांच कराई जाएगी और किसानों की जमीन की सुरक्षा सुनिश्चित होगी?
नेशन स्टेशन न्यूज़ की नजर इस पूरे मामले पर बनी रहेगी।



